Stock Market: RBI के कड़े रुख से धड़ाम हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 300 पॉइंट टूटा

Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह कारोबार की शुरुआत काफी सुस्त हुई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी और नीतिगत रुख को कड़ा (Calibrated Tightening) किए जाने के बाद से निवेशकों का मूड बिगड़ गया है।

शुरुआती कारोबार के दौरान ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) 300 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ फिसल गया, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी 22,500 के स्तर से नीचे आ गया है।

टॉप गेनर्स और लूजर्स

  • हरे निशान में: TCS, टेक महिंद्रा, HCL टेक, इन्फोसिस, सन फार्मा, टाइटन, ट्रेंट, सिप्ला, HDFC लाइफ, और भारती एयरटेल.
  • लाल निशान में: एसबीआई लाइफ, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी, कोल इंडिया, आईटीसी, बीईएल, अडानी पोर्ट्स, इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील और एलएंडटी.

किस सेक्टर पर दबाव?

शेयर बाजार में आज मेटल शेयरों पर दबाव देखने को मिल रहा है. Nifty Metal Index करीब 2% गिरकर लगातार दूसरे दिन नुकसान में है. वहीं, Nifty IT Index में बढ़त देखने को मिल रही है. यानी बाजार में सेक्टर के हिसाब से मिलाजुला कारोबार हो रहा है

आरबीआई के फैसले

आरबीआई द्वारा रेपो रेट को बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत किए जाने और अपने रुख को न्यूट्रल से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ करने के बाद बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है। इस नीतिगत बदलाव के चलते भविष्य में लोन महंगे बने रहने और उधार लागत (Borrowing Costs) में तेजी की आशंका गहरा गई है।

खासकर वित्तीय, रियल्टी और बैंक शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं। हालांकि, आईटी सेक्टर के शेयरों में कुछ हद तक खरीदारी का रुख जरूर दिखाई दिया, लेकिन कुल मिलाकर बाजार पर दबाव हावी रहा।

निवेशकों पर क्या होगा असर?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सख्त मौद्रिक रुख से कंपनियों के वित्त पोषण की लागत प्रभावित हो सकती है, जिसका असर कॉरपोरेट मुनाफे पर पड़ सकता है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों (FPIs) की लगातार बिकवाली और कंपनियों के तिमाही नतीजों (Q2 Earnings Season) के शुरू होने से बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

जानकारों का कहना है कि निवेशकों को घबराने के बजाय गुणवत्तापूर्ण और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही निवेश की रणनीति रखनी चाहिए तथा तकनीकी सपोर्ट स्तरों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

Back to top button