
CM Yogi का युवाओं को बड़ा तोहफा, यूपी के 75 जिलों में खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
CM Yogi की नई योजना को मंजूरी, यूपी के 75 जिलों में 9 जोन बनेंगे; पहले चरण में 5 शहरों में खुलेंगे कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र।
UP News: उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में बड़ी पहल की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र (एसवीपीएसटीपीजेड) विकास योजना को मंजूरी दे दी गई। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों को नौ जोन में बांटकर कौशल प्रशिक्षण और रोजगार का एकीकृत नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को कुशल मानव संसाधन की आपूर्ति का प्रमुख केंद्र और ग्लोबल मैनपावर हब बनाना है। इसके माध्यम से युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित कर देश-विदेश में रोजगार के अवसरों से जोड़ने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
UP के पांच शहरों में पहले चरण में बनेंगे रोजगार केंद्र
योजना के पहले चरण में लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, गौतमबुद्ध नगर और झांसी में पांच कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के निर्माण और संचालन में सरकारी विभागों, औद्योगिक विकास प्राधिकरणों और निजी क्षेत्र की भागीदारी होगी।
- लखनऊ: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग के माध्यम से केंद्र स्थापित होगा।
- कानपुर: सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल पर केंद्र विकसित किया जाएगा।
- गोरखपुर: गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के माध्यम से केंद्र स्थापित होगा।
- गौतमबुद्ध नगर: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के संयुक्त सहयोग से केंद्र बनाया जाएगा।
- झांसी: बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के माध्यम से केंद्र स्थापित होगा।
नौ जोन में बंटेगा उत्तर प्रदेश, जानिए किस जोन में कौन से जिले
प्रदेश के सभी जिलों को नौ जोन में शामिल कर स्थानीय उद्योगों और बाजार की जरूरतों के अनुसार कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
- जोन-1: गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और हापुड़।
- जोन-2: सहारनपुर मंडल तथा बुलंदशहर, बागपत और मेरठ।
- जोन-3: मुरादाबाद और बरेली मंडल।
- जोन-4: आगरा और अलीगढ़ मंडल।
- जोन-5: लखनऊ और अयोध्या मंडल।
- जोन-6: कानपुर और प्रयागराज मंडल।
- जोन-7: चित्रकूट, विंध्याचल और झांसी मंडल।
- जोन-8: वाराणसी और आजमगढ़ मंडल।
- जोन-9: गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन मंडल।
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प्रत्येक केंद्र के लिए 10 से 25 एकड़ जमीन
सरकार की योजना के तहत प्रत्येक कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र के लिए 10 से 25 एकड़ तक उपयुक्त और भारमुक्त भूमि की व्यवस्था की जाएगी। केंद्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए निकटवर्ती राजमार्ग या एक्सप्रेसवे से दो वर्ष के भीतर चार लेन की सड़क संपर्क सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
केंद्रों का विकास और संचालन सार्वजनिक-निजी सहभागिता आधारित डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन एवं हस्तांतरण (डीबीएफओटी) मॉडल या सरकारी संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा।
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युवाओं को क्या होगा फायदा?
सीएम योगी की इस योजना का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को रोजगार बाजार की मांग के अनुसार प्रशिक्षित करना है। इसके तहत स्थानीय औद्योगिक गतिविधियों, बाजार की जरूरतों और रोजगार की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे, ताकि युवाओं के कौशल को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जा सके।
इस पहल से उत्तर प्रदेश में कौशल विकास और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, युवाओं को देश और विदेश में उपलब्ध रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
हालांकि, योजना के तहत प्रशिक्षण शुरू होने की तारीख, आवेदन प्रक्रिया और भर्ती से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी अलग से सामने आनी बाकी है।
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