IND vs NZ: कमबैक मैच में महंगे साबित हुए भुवनेश्वर कुमार, पहले टी20 में जमकर हुई पिटाई

IND vs NZ 1st T20I: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) लंबे इंतजार के बाद आखिरकार भारतीय नीली जर्सी में मैदान पर उतरे। आखिरी बार साल 2022 में अपना टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलने वाले भुवी ने लगभग चार साल यानी 1430 दिनों के लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की।

हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ क्राइस्टचर्च में खेले जा रहे पहले टी20 मुकाबले में उनकी यह वापसी उतनी शानदार नहीं रही जितनी फैंस उम्मीद कर रहे थे। कीवी बल्लेबाजों के खिलाफ उनकी गेंदबाजी काफी खर्चीली साबित हुई।

आईपीएल प्रदर्शन के बाद वापसी

आईपीएल के पिछले दो सत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने वाले 36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार को चयनकर्ताओं ने उनके अनुभव को देखते हुए एक बार फिर मौका दिया है। वेस्टइंडीज दौरे पर भी वह टीम का हिस्सा थे, लेकिन बेंगलुरु में बारिश के कारण उन्हें गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिल पाया था।

नतीजतन, न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज के इस पहले मुकाबले में जब कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी, तो भुवनेश्वर कुमार को नई गेंद सौंपी गई। फैंस को उम्मीद थी कि वह शुरुआती ओवरों में अपनी धारदार स्विंग से कीवी बल्लेबाजों को परेशान करेंगे।

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कीवी बल्लेबाजों ने किया प्रहार

मैच के दौरान न्यूजीलैंड के आक्रामक सलामी बल्लेबाजों ने भुवनेश्वर कुमार की गेंदबाजी पर शुरुआत से ही दबाव बनाना शुरू कर दिया। हालांकि उन्होंने अपने स्पेल के दौरान टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पावरप्ले में सबसे ज्यादा डॉट गेंदें फेंकने का एक बड़ा विश्व रिकॉर्ड अपने नाम जरूर किया (टिम साउदी को पीछे छोड़ते हुए), लेकिन रनों पर अंकुश लगाने में वह पूरी तरह सफल नहीं हो सके।

कीवी बल्लेबाजों ने उनकी गेंदों पर खुलकर स्ट्रोक खेले, जिसके चलते भुवनेश्वर कुमार ने अपने निर्धारित 4 ओवर के कोटे में बिना कोई विकेट चटकाए कुल 49 रन लुटाए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतने लंबे समय बाद वापसी कर रहे गेंदबाज के लिए यह आंकड़े निश्चित रूप से थोड़े निराशाजनक रहे हैं।

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सीरीज में वापसी की चुनौती

भले ही कमबैक मैच में भुवनेश्वर कुमार की गेंदबाजी थोड़ी महंगी साबित हुई हो, लेकिन उनके पास अपार अनुभव है। भारतीय टीम प्रबंधन और कप्तान को उम्मीद होगी कि वह सीरीज के आगामी मुकाबलों में अपनी लय हासिल करेंगे और अनुभवी तेज गेंदबाज के रूप में टीम की गेंदबाजी यूनिट को मजबूती प्रदान करेंगे।

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