
BCCI खराब नतीजों के बाद भी गंभीर को नहीं करेगा बर्खास्त, सामने आई बड़ी वजह…
हालिया टेस्ट और वाइट-बॉल सीरीज में भारतीय टीम के उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के बावजूद BCCI गौतम गंभीर को हेड कोच पद से नहीं हटाएगा।
Gautam Gambhir BCCI: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच के रूप में गौतम गंभीर का कार्यकाल लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। टेस्ट क्रिकेट में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद सीमित ओवरों (T20I और ODI) की सीरीज में भी टीम के प्रदर्शन पर सवाल खड़े हुए हैं। इसके बाद से ही सोशल मीडिया और क्रिकेट गलियारों में गंभीर को पद से हटाए जाने की अटकलें तेज थीं।
हालांकि, एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) फिलहाल गौतम गंभीर को हटाने के मूड में बिल्कुल नहीं है। बोर्ड का मानना है कि इस समय कोच बदलना टीम के हित में नहीं होगा।
टीम इंडिया का ‘ट्रांजिशन फेज’
गंभीर की कुर्सी सुरक्षित रहने की सबसे बड़ी वजह भारतीय टीम में चल रहा बदलाव का दौर (Transition Phase) है। विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के टेस्ट फॉर्मेट से हटने या संन्यास लेने के बाद टीम का पूरा ढांचा बदल चुका है।
कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में एक नई और युवा टेस्ट टीम तैयार की जा रही है। बोर्ड का मानना है कि जब नए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेटल होने का मौका दिया जा रहा है, तो ऐसे दौर में खराब नतीजों का पूरा ठीकरा अकेले हेड कोच पर फोड़ना सही नहीं है। नए खिलाड़ियों को ढलने के लिए वक्त देना जरूरी है।
प्रमुख खिलाड़ियों की चोट
गंभीर के पक्ष में दूसरी बड़ी राहत खिलाड़ियों की इंजरी बनी है। दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका जैसी अहम सीरीजों के दौरान कप्तान शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर और साई सुदर्शन जैसे इन-फॉर्म खिलाड़ी चोटिल या अलग-अलग वजहों से बाहर रहे। BCCI इस बात को भली-भांति समझता है कि बेस्ट प्लेइंग इलेवन उपलब्ध न होने से मैदान पर परिणाम प्रभावित हुए हैं।
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2027 वनडे वर्ल्ड कप तक गंभीर पर भरोसा?
रिपोर्ट्स की मानें तो BCCI की योजना गौतम गंभीर को 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक भारतीय टीम का मुख्य कोच बनाए रखने की है।
इसके अलावा, VVS लक्ष्मण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की भूमिका में बेहद सहज हैं, इसलिए रेड-बॉल या वाइट-बॉल के लिए कोई अंतरिम कोच लाने का भी कोई विचार नहीं है। WTC (विश्व टेस्ट चैंपियनशिप) के मौजूदा चक्र में भारत की केवल दो टेस्ट सीरीज बची हैं, ऐसे में कोचिंग स्टाफ में किसी भी तरह का बड़ा फेरबदल व्यावहारिक नहीं माना जा रहा है।
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