
फतेहपुर में गैस सिलेंडर ब्लास्ट, चार सगे भाइयों समेत पांच मरे
दो मंजिला मकान ढहा,सात लोग दबे
Fatehpur Gas cylinder blast: मृतकों में चार सगे भाइयों समेत पांच लोग शामिल,मृतकों की उम्र छह से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही,फल कारोबारी के घर खाना बनाते समय गैस रिसाव से हुआ हादसा,मृतकों की पहचान कुणाल, आलोक, अर्पित, वेद और यश के रूप में हुई,हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल,जोरदार धमाके की गूंज करीब 500 मीटर दूर तक सुनाई दी,धमाके से आसपास के कई मकान भी हुए थे क्षतिग्रस्त,हादसे में दो मंजिला मकान भर-भराकर गिर गया था,मलवां थाना क्षेत्र के मलवां कस्बे की घटना।
कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर स्थित मलवां कस्बे में तेज विस्फोट के बाद पटाखा व फल विक्रेता सुरेश गुप्ता के घर की पहली मंजिल की छत और दीवारें भरभराकर गिर गई। हादसे के दौरान छत पर मौजूद रहे व्यापारी के बेटे व चार भतीजों समेत पांच लोगों की मौत हुई है। व्यापारी के भाई की पत्नी भर्ती है। विस्फोट इतना तेज था कि पड़ोस के तीन घर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। 500 मीटर दायरे में मौजूद लोगों के कान सुन्न हो गए। काफी देर धुएं का गुबार छाया रहा। व्यापारी की पत्नी ने बताया है कि वह खाना बना रही थीं। उसी समय सिलिंडर से चूल्हे के लिए लगे पाइप में आग लग गई। आग सिलिंडर तक पहुंची, जिसकी वजह से विस्फोट हुआ। इस बीच बारूद से भी विस्फोट की चर्चा रही।
गैस सिलेंडर ब्लास्ट से फल विक्रेता का दो मंजिला मकान भरभराकर ढह गया। जबकि फल विक्रेता और उसके भतीजे समेत तीन बुरी तरह झुलस गए। घटना शाम करीब 5 बजे की है। खाना बनाते समय मकान में आग लग गई। परिवार की महिलाएं चीखते हुए बाहर भागीं। तभी घर में रखे दो गैस सिलेंडरों में ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना तेज था कि 200 मीटर दूर तक भूकंप जैसा झटका लगा। पड़ोस में बने दो मकान भी जमींदोज हो गए। गनीमत रही कि इन दोनों मकानों में कोई नहीं था। आसपास के 10 से 12 मकानों को नुकसान पहुंचा है।
सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड के 16 कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची। लेकिन जिन मकानों में विस्फोट हुआ, वह संकरी गली में थे। इस कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंच पाई। तब बुलडोजर को बुलाया गया। पुलिस और फायर ब्रिगेड के 16 कर्मचारियों ने आस-पास के लोगों की मदद ली।
फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम ने लोगों की मदद से मलबे में दबे 8 लोगों को बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। जहां सुरेश के बेटे कुनाल (19 साल), भतीजे वेद (14 साल) यश (8 साल) और अर्पित (15 साल) ने दम तोड़ दिया। जबकि भतीजे आलोक गुप्ता (23 साल) की देर रात करीब 9:30 बजे मौत हुई है। वह करीब 90 फीसदी झुलस गया था। हादसे में खुद सुरेश गुप्ता (50 साल), उनका भतीजा ओम (7 साल) और भतीजी शिवानी (23 साल) घायल हैं।
एसडीआरएफ को भी बुलाया गया
पुलिस के अनुसार, धमाके की वजह से मुख्य मकान की दोनों मंजिलें पूरी तरह ढह गईं। आसपास के कुछ मकानों की बीम को भी नुकसान पहुंचा है। राहत एवं बचाव कार्य में मदद के लिए एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया है। हादसे के बाद मकान मालिक सुरेश उर्फ धुन्नर गुप्ता की तबीयत भी सदमे के कारण बिगड़ गई। उन्हें चिकित्सकीय सहायता दी गई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और पूरे मामले की जांच जारी है।





