चुनाव आयोग को संविधान से नहीं, ज्ञानेश अपनी मर्ज़ी से चला रहे हैं: कांग्रेस

ECI के भीतर आंतरिक मतभेद

Election Commission Rift: भारत की सर्वोच्च चुनावी संस्था ‘भारतीय चुनाव आयोग’ (ECI) के भीतर आंतरिक मतभेद और खींचतान की खबरें सामने आने के बाद देश की राजनीति में हड़कंप मच गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है।

मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त दोनों साथी चुनाव आयुक्तों की सिफारिशों को दरकिनार कर मनमाने ढंग से फैसले ले रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

चुनाव आयुक्तों ने दर्ज कराई 14 बार आपत्ति

सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले महीनों के दौरान महत्वपूर्ण फैसलों पर कम से कम 14 बार अपनी लिखित आपत्ति और असहमति दर्ज कराई है। दोनों अधिकारियों का आरोप है कि आयोग के कई बड़े आदेश और फैसले उनकी जानकारी या सहमति के बिना ही जारी कर दिए गए। यहां तक कि कभी-कभी एक ही दिन में चार-चार बार असहमति दर्ज कराने की नौबत आई।

SIR और Voter List पर उठे सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य दो आयुक्तों के बीच विवाद के मुख्य बिंदुओं में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया, नए मतदाताओं का पंजीकरण, फॉर्म-6 में संशोधन, मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रियाएं शामिल हैं। इसके अलावा वोटर डेटाबेस की सुरक्षा और आईटी ओवरसाइट में किए गए बदलावों को लेकर भी दोनों आयुक्तों ने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर अपनी चिंता व्यक्त की थी।

संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत तीनों आयुक्तों को समान दर्जा प्राप्त है, लेकिन असहमति के बावजूद फैसलों को लागू करने से आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

कांग्रेस का तीखा हमला

इस रिपोर्ट के सामने आते ही कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चौतरफा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त आयोग को लोकतांत्रिक संस्था के बजाय एक व्यक्ति के इशारे पर चला रहे हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों और राजनीतिक दलों के प्रतीकों को फ्रीज करने जैसे फैसलों में प्रक्रियात्मक नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

विपक्षी दलों ने मांगा मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा

आयोग के आंतरिक विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। नेताओं ने कहा कि जब चुनाव आयोग के अपने ही अधिकारी फैसलों से सहमत नहीं हैं और उनकी आवाज़ दबाई जा रही है, तो ऐसे में देश की जनता का निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया से विश्वास उठ जाएगा। विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफे की मांग की है।

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