क्राइम किया किरायेदार ने बुलडोजर चला मकान मालिक के घर, मामला पंहुचा सुप्रीम कोर्ट…

Supreme Court On Buldozer Action: भीलवाड़ा और उज्जैन के दो परिवारों ने अपने घरों बुलडोजर एक्शन (Buldozer Action) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई। मामला ये है कि राजस्थान में किरायेदार के बेटे पर आरोप था, लेकिन मकान मालिक के घर पर बुलडोजर चल गया। तो वहीं मध्य प्रदेश में एक परिवार का पुश्तैनी घर ढहा दिया गया।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में बुलडोजर एक्शन का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। कई राज्यों में सरकारें बुलडोजर एक्शन पर जोर दे रही हैं। ऐसा ही इसमें से एक केस में दावा किया गया कि अपराध किरायेदार के बेटे ने किया, और प्रशासन ने मकानमालिक घर पर बुलडोजर चला दिया। ऐसे ही घर पर बुलडोजर चलाने के दो मामलों में याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। अब सर्वोच्च अदालत भी 2 सितंबर को इस मामले पर सुनवाई करेगा। जिन मकानों को बुलडोजर से ढहाया गया था उनके मालिकों ने अपने घरों को ढहाने के लिए राज्यों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और तत्काल सुनवाई की मांग की।

बुलडोजर एक्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट करेगी सुनवाई

राजस्थान के मामले में जिस घर पर बुलडोजर चला उसमें आरोपी किरायेदार का बेटा है। घर के मालिक ने यही सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि आखिर किरायेदार के बेटे किए गए कथित अपराध के लिए उनके घर को क्यों ढहा दिया गया। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश में बुलडोजर एक्शन एक संयुक्त परिवार के पैतृक घर को गिराने के लिए किया गया था। वरिष्ठ अधिवक्ता सीयू सिंह और वकील फौजिया शकील ने जस्टिस बीआर गवई और केवी विश्वनाथन की पीठ के समक्ष इन मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने ये भी कहा कि इस पर तत्काल सुनवाई की जरूरत है।

क्या है पूरा मामला?

वरिष्ठ अधिवक्ता सीयू सिंह ने कहा कि हमने एक पैतृक घर से संबंधित आवेदन दायर किया है। उन्होंने बताया कि जिस घर पर बुलडोजर एक्शन हुआ, उस परिवार को इस संबंध कोई सूचना तक नहीं दी गई थी। जिस दिन परिवार के एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया, बिना किसी सूचना के, उनके पैतृक घर के सामने वाले हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया। इस बुलडोजर एक्शन से पूरी जगह दुर्गम हो गई।

इसके बाद, वकील फौजिया शकील ने भी ऐसे ही एक और मामले का उल्लेख किया। इसमें उन्होंने कहा कि उनके मामले में, उदयपुर में एक व्यक्ति का घर इसलिए ढहा दिया गया क्योंकि उसके किरायेदार के बेटे पर एक अपराध का आरोप था। अदालत सोमवार को दोनों मामलों की सुनवाई के लिए राजी हो गई है। अब देखना है कि कोर्ट का पूरे मामले में क्या रुख रहेगा।

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