IIT बॉम्बे छात्र की मौत पर नया मोड़, प्रो. डूला के समर्थन में आया IIT कानपुर फैकल्टी फोरम

IIT Kanpur Faculty Forum: IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में निलंबित प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के समर्थन में IIT कानपुर फैकल्टी फोरम आया; कहा- जांच पूरी होने तक किसी को जिम्मेदार न ठहराएं, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच जरूरी।

Kanpur: IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। मामले में निलंबित किए गए प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के समर्थन में IIT कानपुर फैकल्टी फोरम सामने आया है। फोरम ने घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग की है।

फोरम ने अपने बयान में कहा कि जांच पूरी होने और मामले से जुड़े सभी तथ्य सामने आने से पहले किसी भी व्यक्ति को जिम्मेदार या दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। फोरम ने उचित प्रक्रिया का पालन किए जाने पर जोर दिया है।

छात्र की मौत पर IIT कानपुर फैकल्टी फोरम ने जताया शोक
IIT कानपुर फैकल्टी फोरम ने साहिल वाकोडे की मौत पर दुख व्यक्त किया। बयान में कहा गया कि छात्र की मौत बेहद दुखद घटना है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।

फोरम के मुताबिक, IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला घटना के समय संबंधित कोर्स के इंस्ट्रक्टर और परीक्षा में इनविजिलेटर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

प्रोफेसर पर गंभीर आरोप और FIR
मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं और उनके खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है। इसके बाद उन्हें निलंबित किया गया।

हालांकि, IIT कानपुर फैकल्टी फोरम ने कहा है कि आरोपों की वास्तविकता और घटना से जुड़े तथ्यों का निर्धारण उचित जांच के बाद ही किया जाना चाहिए। फोरम ने किसी भी तरह के पूर्वाग्रह से बचने और पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष रखने की अपील की है।

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‘निजी हमला नहीं होना चाहिए’
फोरम ने अपने बयान में इस बात पर भी जोर दिया कि मामले की जांच के दौरान किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत या निजी हमले का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। फोरम के अनुसार, आरोपों और तथ्यों के बीच अंतर किया जाना जरूरी है और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

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फेयर, ट्रांसपेरेंट और टाइम-बाउंड जांच की मांग
IIT कानपुर फैकल्टी फोरम ने मामले की जांच के लिए एक उचित जांच समिति गठित करने की मांग की है। फोरम चाहता है कि समिति पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से जांच करे।

बयान में जांच को फेयर, ट्रांसपेरेंट और टाइम-बाउंड रखने की मांग की गई है। साथ ही कहा गया है कि जांच और उचित प्रक्रिया पूरी होने तक किसी व्यक्ति को किसी भी रूप में जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।

फिलहाल साहिल वाकोडे की मौत से जुड़े मामले की जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्य यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि घटना के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है और पूरे मामले में वास्तव में क्या हुआ था।

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