उप्र: 10वीं तक सभी स्कूल मकर संक्रांति तक बंद, बढ़ा नाइट कर्फ्यू का समय

night curfew

लखनऊ। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए उप्र में मंगलवार की शाम से कई पाबंदियां लगा दी गईं। योगी आदित्यनाथ ने टीम-9 के साथ बैठक के बाद नाइट कर्फ्यू का समय बढ़ाने का आदेश दिया है।

दसवीं तक के सभी स्कूल मकर संक्रांति 14 जनवरी तक बंद कर दिये गए हैं। 6 जनवरी गुरुवार से रात्रि कर्फ्यू रात 10 से सुबह 6 तक तक लागू हो जाएगा। अभी तक रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू है।

सिनेमाहॉल, जिम, बैंक्वेट हॉल, स्पा आदि पर फैसला जिला प्रशासन लेगा। जिस जिले में 1000 से ज्यादा केस होंगे, वहां पाबंदी बढ़ा दी जाएगी।

सिनेमा हॉल, जिम, बैक्वेट हॉल स्पा पर 50 फीसदी उपस्थिति की इजाजत होगी। शादी व अन्य समारोहों में बंद स्थानों पर 100 लोग और खुले स्थान पर निर्धारित संख्या की 50 फीसदी उपस्थिति होगी।

प्रयागराज माघ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 48 घंटे पूर्व की कोविड आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य होगी। कल्पवासियों सहित सभी श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए।

यह दिये गए निर्देश

कक्षा 10 तक के सभी शासकीय व निजी विद्यालयों में अवकाश के दौरान भी टीकाकरण जारी रहेगा। जिलों में एक्टिव केस की संख्या 1000 से अधिक हो जाए तो वहां जिम, स्पा, सिनेमाहॉल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट आदि सार्वजनिक स्थलों को 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालित किया जाए।

शादी समारोह व अन्य आयोजनों में बंद स्थानों में एक समय में 100 से अधिक लोगों की लोग उपस्थित न हों। खुले स्थान पर ग्राउंड की कुल क्षमता के 50 फीसदी से अधिक लोगों के उपस्थिति की अनुमति न दी जाए। मास्क-सैनीटाइज़र की अनिवार्यता रहे।

प्रदेश के सभी शासकीय, अर्धशासकीय, निजी, ट्रस्ट आदि संस्थाओं, कंपनियों, ऐतिहासिक स्मारक, कार्यालयों, धार्मिक स्थलों, होटल-रेस्त्रां, औद्योगिक इकाइयों में तत्काल प्रभाव से कोविड हेल्प डेस्क क्रियाशील करा दिया जाए।

जरूरत के अनुसार डे केयर सेंटर भी स्थापित हों। बिना स्क्रीनिंग/सैनिटाइजेशन के किसी को परिसर में प्रवेश न दें।

निगरानी समिति सक्रिय की जाए

निगरानी समिति और इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर को पूरी तरह सक्रिय किया जाए। गांवों में प्रधान के नेतृत्व में और शहरी वार्डो में पार्षदों के नेतृत्व में निगरानी समितियां क्रियाशील रहें। घर-घर संपर्क कर बिना टीकाकरण वाले लोगों को चिन्हित किया जाए।

उनकी सूची जिला प्रशासन को दी जाए। जरूरत के मुताबिक लोगों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए। कोविड के उपचार में उपयोगी जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए।

तीन से चार लाख टेस्ट हो

टेस्टिंग के महत्व को देखते हुए हर दिन न्यूनतम तीन से चार लाख टेस्ट किए जाएं। निजी प्रयोगशालाओं को कोविड टेस्टिंग के लिए अधिकृत करने से पूर्व उनके पिछले रिकॉर्ड देखे जाएं। क्वालिटी टेस्टिंग अनिवार्य है। हर जिले के नोडल अधिकारी अपने संबंधित जिलों से संवाद करें। हर स्थिति पर सीधी नजर रखी जाए।

कमांड सेंटरों को भी एक्टिव रखा जाए

प्रदेश के सभी जनपदों में स्थापित किए गए इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) को 24×7 एक्टिव रखा जाए। पूर्व की भांति वहां नियमित बैठकें आयोजित की जाएं। आइसीसीसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल मौजूद रहे। लोगों को टेलीकन्सल्टेशन की सुविधा दी जाए।

आईसीसीसी हेल्पनंबर सार्वजनिक कर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। लोग किसी जरूरत पर तत्काल वहां संपर्क कर सकते हैं। एम्बुलेंस 24×7 एक्टिव मोड में रहें। पब्लिक एड्रेस सिस्टम का बेहतर उपयोग किया जाए। सीएम हेल्पलाइन से लोगों से संवाद किया जाए।

यूपी में अब तक ओमिक्रान के 23 मामले

कोविड वैरिएंट की पहचान के लिए कराई गई जीनोम सिक्वेसिंग में 23 लोगों में ओमिक्रोन वैरिएंट की पुष्टि हुई है। इन सभी के संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग और टेस्टिंग कराई जाए। सभी के स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जाए।

20 करोड़ 50 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण और 09 करोड़ 36 लाख से अधिक टेस्टिंग करके उत्तर प्रदेश टेस्टिंग और टीकाकरण देश में प्रथम स्थान पर है।

यहां 07 करोड़ 53 लाख से अधिक लोगों को टीके की दोनों डोज देकर कोविड का सुरक्षा कवर प्रदान कर दिया गया है। 12 करोड़ 97 लाख लोगों ने टीके की पहली डोज प्राप्त कर ली है।

इस प्रकार टीकाकरण के लिए पात्र प्रदेश की कुल आबादी में लगभग 88 फीसदी को पहली और 51 फीसदी को दोनों डोज मिल चुकी है।

03 जनवरी से प्रारंभ हुए 15 से 18 आयु वर्ग के बच्चों के कोविड टीकाकरण में अब तक साढ़े तीन लाख से अधिक किशोरों ने टीका कवर प्राप्त कर लिया है। वैक्सीनेशन को और तेज करने की जरूरत है। इस संबंध में सभी जरूरी प्रयास किए जाएं।

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