
ITR Filing: डेडलाइन खत्म, अब ई-वेरिफिकेशन पर करदाताओं की चिंता
ITR Verification: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की बढ़ाई गई एक दिन की डेडलाइन भी समाप्त हो चुकी है। इस एक्सटेंशन से लाखों करदाताओं को राहत जरूर मिली, खासकर उन लोगों को जिन्हें पोर्टल पर भारी ट्रैफिक और तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से आखिरी समय में रिटर्न दाखिल करने में परेशानी हो रही थी।
लेकिन अब करदाताओं के सामने बड़ा सवाल यह है कि सिर्फ ITR दाखिल करना काफी है या उसका ई-वेरिफिकेशन भी अनिवार्य है?
आंकड़े बताते हैं स्थिति
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अनुसार, 15 सितंबर 2025 तक 7,08,89,145 ITR दाखिल किए गए, जिनमें से 6,23,03,847 ITR (लगभग 6.23 करोड़) वेरिफाई हो चुके हैं। इसका मतलब है कि करीब 86 लाख ITR अभी वेरिफिकेशन के बिना अधर में लटके हैं।
क्यों जरूरी है ई-वेरिफिकेशन?
ई-वेरिफिकेशन रिटर्न प्रोसेस पूरा करने की अनिवार्य शर्त है। यह आधार OTP, ईवीसी या नेट बैंकिंग जैसे तरीकों से किया जा सकता है। यदि ITR को 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफाई नहीं किया जाता, तो:
- आपका रिटर्न अधूरा माना जाएगा।
- इसे अमान्य (Invalid) रिटर्न मान लिया जाएगा।
- इसके बाद आपको नया ITR Belated Return के तौर पर दाखिल करना होगा।
यह भी पढ़ें…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 75वां जन्मदिन, राष्ट्रपति व शीर्ष नेताओं ने दी शुभकामनाएँ
देरी का नुकसान
- धारा 234F के तहत ₹5,000 तक का विलंब शुल्क लगेगा (यदि कुल आय ₹5 लाख तक है तो पेनल्टी ₹1,000 तक सीमित रहेगी)।
- समय पर ई-वेरिफिकेशन न करने पर आप पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) का विकल्प भी खो देंगे।
ITR-V ऑफलाइन जमा करने का विकल्प
यदि ऑनलाइन वेरिफिकेशन संभव न हो, तो करदाता ITR-V (वेरिफिकेशन फॉर्म) को साइन करके साधारण/स्पीड पोस्ट से इस पते पर भेज सकते हैं:
Centralized Processing Center, Income Tax Department, Bengaluru – 560500, Karnataka.
यह भी पढ़ें…
PM मोदी का 75 वां जन्मदिन, राहुल गांधी ने एक लाइन में यूं दी बधाई…
इस स्थिति में, वेरिफिकेशन की तिथि वही मानी जाएगी जिस दिन CPC, बेंगलुरु में दस्तावेज़ प्राप्त हो जाता है। साफ है कि ई-वेरिफिकेशन के बिना रिटर्न अधूरा है। जिन करदाताओं ने ITR तो भर दिया है लेकिन अब तक वेरिफाई नहीं किया है, उन्हें तुरंत यह प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए ताकि पेनल्टी और आगे की परेशानियों से बचा जा सके।
यह भी पढ़ें…





