
ऊंची आवाज नहीं, ऊंचे विचार इंसान को बड़ा बनाते हैं: Upadhyaya Shri 108 Vihasant Sagar
UP के जनभवन में होगा क्षमावाणी पर्व
Lucknow Upadhyaya Shri 108 Vihasant Sagar: दिगंबर जैन मंदिर इन्दिरा नगर प्रवचन में पूज्य उपाध्याय श्री 108 वीहसंत सागर जी महाराज ने कहा कि बड़ा बनने के लिए ऊंची आवाज नहीं, बल्कि ऊंचे विचारों की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि सम्मान उम्र से नहीं, बल्कि अच्छे व्यवहार, उत्तम संस्कारों और श्रेष्ठ कार्यों से प्राप्त होता है। व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसके कर्मों और आचरण से होती है।
उपाध्याय श्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को जीवन में विनम्रता, सदाचार और सेवा भावना अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने विचारों को श्रेष्ठ बनाता है, वही समाज में सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त करता है।
जैन समाज की ओर से क्षमावाणी पर्व एवं त्यागी-व्रती सम्मान समारोह का आयोजन एक अक्टूबर गुरुवार को जनभवन (राजभवन) स्थित गांधी सभागार में प्रातः 8:30 बजे किया जाएगा। इंदिरा नगर जैन मंदिर के महामंत्री अभिषेक जैन ने बताया कि यह आयोजन आचार्य श्री सुबल सागर जी महाराज के सानिध्य में संपन्न होगा।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल होंगी, जो दशलक्षण महापर्व के दौरान व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को सम्मानित करेंगी। अभिषेक जैन ने बताया कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग शामिल होंगे और एक-दूसरे से क्षमा याचना कर प्रेम और अहिंसा का संदेश देंगे।




