
Parliament Session 2024: संसद के पहले सत्र से पीएम मोदी की शपथ, संविधान लेकर पहुंचे ‘I.N.D.I.A.’ गठबंधन के सांसद?
Lok Sabha First Session: आज 18वी लोकसभा के पहले सत्र का आगाज सोमवार (24 जून 2024) को हंगामे के साथ हुआ. सत्र की शुरुआत से पहले ही इंडिया गठबंधन के सांसद हाथों में संविधान की कॉपी लेकर प्रदर्शन करने उतरे. विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ भी जमकर हल्ला बोला.
आज से 18वीं लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत हो गई है. पहले और दूसरे दिन हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में चुने गए सासंद अपने पद की शपथ लेंगे, जिसके बाद से वे सदन के आधिकारिक सदस्य बन जाएंगे. कई सांसद ऐसे हैं, जो पहली बार सासंद पद की शपथ लेंगे. सांसद बनने के साथ ही जन प्रतिनिधियों को सासंद को मिलने वाली सुविधाएं मिलने लग जाएगी और वो आम से खास लोगों की गिनती में आ जाएंगे.
लोकसभा अध्यक्ष नियुक्त होने तक सदन को चलाने की जिम्मेदारी प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब के हाथों में होगी। पहले दिन नवनिर्वाचित सांसदों ने सबसे पहले शपथ ली। इसमें सबसे पहला नाम पीएम नरेंद्र मोदी का था। मोदी के शपथ लेने के बाद एक अलग नजारा देखने को मिला। राजनीतिक मंच से पीएम के खिलाफ खूब बोलने वाले सांसद राहुल गांधी मोदी की तरफ हाथ जोड़े दिखाई दिए। उनके साथ बाजू की सीट पर बैठे कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने भी राहुल के साथ पीएम मोदी का अभिवादन किया।
पीएम मोदी और राहुल ने एक दूसरे का किया अभिवावदन
लोकसभा में आज भारी हंगामे और प्रोटेम स्पीकर के विरोध के बीच एक स्वस्थ राजनीति की भी झलक दिखी। मौका था सांसदों के शपथ ग्रहण का, पीएम मोदी ने सबसे पहले सांसद के रूप में शपथ ली और सदन में मौजूद सभी सांसदों का अभिवादन कर रहे थे। इस बीच उन्होंने पंक्ति में आगे बैठे रायबरेली से सांसद राहुल गांधी का भी अभिवादन किया। राहुल भी कहां पीछे रहने वाले थे, उन्होंने भी अपनी सीट से मोदी का दोनों हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया। सदन के अंदर से आई यह तस्वीर अब चर्चा का विषय बन गई है।

कई सांसद पहली बार शपथ लेंगे?
18वीं लोकसभा में संसद पहुंचे सासंदों में अधिकतर सासंद वो हैं, जो फर्स्ट टाइम वाले सांसद हैं. बता दें कि सदन में 52 फीसदी सासंद पहली बार सासंद पद की शपथ लेंगे. ये कुल 280 सांसद हैं. अकेले उत्तर प्रदेश से 45 सांसद ऐसे हैं, जो पहली बार संसद पहुंचे हैं. वहीं, महाराष्ट्र से 33 सांसद पहली बार चुने गए सांसद हैं.
सांसदों को मिलने वाली सुविधाएँ
सांसद चुने जाने के बाद मोटे तौर पर सदस्यों को सैलरी के साथ कई भत्ते, यात्रा सुविधाएं, चिकित्सा सुविधाएं, आवास, टेलीफोन, पेंशन आदि सुविधाएं दी जाती हैं. 11 मई 2022 की सैलरी और भत्ते में किए गए बदलावों के अनुसार, सांसदों को एक लाख रुपये सैलरी दी जाती है, जिसके अलावा घर पर मीटिंग को लेकर हर दिन के 2000 रुपये अलाउंस के रुप में मिलते हैं.
इसके अलावा सासंद को सदन सत्र, कमेटी की मीटिंग आदि अटेंड करने के लिए ट्रैवल की सुविधा दी जाती है. इसके लिए सांसदों को सत्र में आने और जाने के ट्रैवल का पैसा दिया जाता है. अगर कोई सासंद सत्र में 15 दिन से कम दिन तक सत्र में अनुपस्थित रहते हैं तो ट्रेवलिंग का पैसे मिलते हैं.
इसके अलावा सासंदों को कुछ यात्राओं के लिए रेलवे के फर्स्ट क्लास कोच में फ्री यात्रा मिलती है और परिवार को लेकर भी कुछ नियम हैं. इसमें कुछ यात्राओं में परिवार के सदस्यों को भी छूट मिलती है. वहीं, अंडमान निकोबार आइलैंड, लक्ष्यद्वीप के सांसदों को स्टीमर की सुविधा दी जाती है. ट्रैवल को लेकर छूट की कई शर्ते हैं, जिनके अनुसार सांसद को छूट मिलती है. इसके साथ ही हर सासंद को अपने साथ ऑफिस कार्यालय के खर्चों के लिए भी पैसे मिलते हैं.
आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, हर सासंद को 20 हजार रुपये भत्ता, 4000 रुपये लेखन सामग्री के लिए, 2000 रुपये पत्रों के लिए, स्टाफ के लिए पैसे दिए जाते हैं. वहीं, टोल में छूट के लिए हर सासंद को दो फास्टैग दिए जाते हैं, जो एक दिल्ली और एक उनके क्षेत्र की गाड़ी के लिए होता है. इससे वे बिना टोल के यात्रा कर सकते हैं. साथ ही सांसद को कई ऐसी जगह एक्सेस या प्रोटोकॉल मिलता है, जहां से आम आदमी को दूर रखा जाता है.
अगर टोटल देखें तो सासंद को सैलरी में 1 लाख रुपये, निर्वाचन क्षेत्र के लिए करीब 70 हजार भत्ता, कार्यालय खर्च के लिए करीब 60 हजार रुपये और दैनिक भत्ता मिलता है. इसके अलावा ट्रैवलिंग अलाउंस, घर, मेडिकल की सुविधाएं अलग मिलती है. सांसदों को घर उनकी सीनियरटी को देखकर दिए जाते हैं. बता दें कि इन सांसदों में जो मंत्री होते हैं, उन्हें अलग सुविधाएं मिलती हैं.
पेंशन का क्या है नियम?
अगर पेंशन की बात करें तो कोई भी सासंद कितने भी दिन तक सांसद रहे, उन्हें हर सत्र के हिसाब से हर महीने 22 हजार रुपये पेंशन और कुछ सुविधाएं मिलती हैं. अगर वो दूसरे सत्र में भी सांसद रहते हैं तो उन्हें अगले सत्र की भी पेंशन मिलती है.





