
लखनऊ में श्रीराम कथा: चंद्रांशु महाराज ने सुनाया प्रभु श्रीराम के दिव्य विवाह का प्रसंग
गृहस्थ आश्रम की महिमा, महर्षि विश्वामित्र की भूमिका और रामराज्य के आदर्शों पर हुआ आध्यात्मिक विमर्श
Lucknow: विपुल खंड गोमतीनगर, 15 अक्टूबर। हिन्दू मेला आवाहन मंच के तत्वावधान में आयोजित दिव्य श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से परिपूर्ण वातावरण में आचार्य श्री डॉ. चंद्रांशु जी महाराज, अयोध्या धाम ने प्रभु श्रीराम के दिव्य विवाह का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान गृहस्थ आश्रम की महिमा, महर्षि विश्वामित्र की महत्वपूर्ण भूमिका तथा रामराज्य की अवधारणा पर गहन आध्यात्मिक चर्चा हुई।
आचार्य श्री ने श्रीराम विवाह प्रसंग के माध्यम से समझाया कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं, बल्कि धर्म, संस्कार, समर्पण और पारिवारिक उत्तरदायित्वों का पवित्र संकल्प है। गृहस्थ आश्रम भारतीय संस्कृति की वह आधारशिला है, जहाँ से परिवार में संस्कारों का निर्माण होता है और उन्हीं संस्कारों से एक सशक्त समाज का उदय होता है।
महर्षि विश्वामित्र की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए आचार्य श्री ने बताया कि गुरु का मार्गदर्शन व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देता है। प्रभु श्रीराम के जीवन में गुरु की प्रेरणा, अनुशासन और धर्म के प्रति समर्पण हमें यह संदेश देते हैं कि योग्य मार्गदर्शन और कर्तव्यनिष्ठा से ही जीवन अपने श्रेष्ठ उद्देश्य को प्राप्त करता है।
रामराज्य की चर्चा के माध्यम से आदर्श समाज की परिकल्पना प्रस्तुत की गई, जिसमें धर्म, न्याय, मर्यादा, कर्तव्य और लोककल्याण सर्वोपरि हों। यह संदेश वर्तमान समय में भी उतना ही प्रासंगिक है, जब समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और पारिवारिक मूल्यों से पुनः जुड़ने की आवश्यकता है।
कथा के समापन पर प्रभु श्रीराम एवं माता सीता के विवाह की भव्य एवं मनोहारी झांकी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। विवाहोत्सव के मंगलमय वातावरण में उपस्थित भक्तों ने भक्ति और आनंद के साथ प्रभु के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए।
कथा का पंचम दिवस: भरत प्रेम और श्रीराम वनवास
श्रीराम कथा के पंचम दिवस पर प्रभु श्रीराम के वनवास और भ्रातृप्रेम के अनुपम प्रतीक भरत जी के चरित्र का वर्णन किया जाएगा। यह प्रसंग त्याग, प्रेम, कर्तव्य, समर्पण और पारिवारिक एकता की ऐसी प्रेरणा प्रदान करता है, जो प्रत्येक युग में मानव जीवन का मार्गदर्शन करती है।
हिन्दू मेला आवाहन मंच समिति की अध्यक्ष करिश्मा सिंह ओर से समस्त श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों से सपरिवार कथा में सम्मिलित होकर इस दिव्य आध्यात्मिक यात्रा का सहभागी बनने का आग्रह किया गया।
आयोजक: हिन्दू मेला आवाहन मंच





