
श्रद्धा दुबे की लव लाइफ पर बड़ा खुलासा? दोस्त बोला- प्यार में 3 लड़कों ने खाया था जहर
Shiva Sharma Case: लखनऊ की CJM कोर्ट ने श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और दानिश की जमानत अर्जी खारिज की। वहीं, बचपन के दोस्त ने पुराने रिश्तों को लेकर कई दावे किए।
Lucknow: श्रद्धा दुबे से जुड़े मामले में शुक्रवार को अहम अपडेट सामने आया। लखनऊ की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अदालत ने श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और दानिश की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। अदालत ने अपराध की गंभीरता का हवाला देते हुए कहा कि आरोपियों को जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता। वहीं, इस मामले के बीच श्रद्धा के बचपन के एक दोस्त के हवाले से उसके पुराने रिश्तों को लेकर भी कई दावे सामने आए हैं।
श्रद्धा दुबे केस में तीनों आरोपियों को नहीं मिली राहत
मामले में शुक्रवार को CJM कोर्ट में श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और दानिश की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अदालत ने तीनों की अर्जियां खारिज कर दीं। कोर्ट ने अपराध को गंभीर बताते हुए जमानत देने का आधार नहीं पाया।
इस फैसले के बाद तीनों आरोपियों को अदालत से तत्काल राहत नहीं मिल सकी। हालांकि, मामले की अन्य कानूनी कार्यवाही और आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर की जानी आवश्यक है।
बचपन के दोस्त ने पुराने रिश्तों को लेकर क्या दावा किया?
इस मामले के साथ श्रद्धा दुबे के पुराने रिश्तों को लेकर भी एक रिपोर्ट चर्चा में है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रद्धा के बचपन के एक दोस्त ने दावा किया कि जब वह नौवीं कक्षा में पढ़ती थी, तब उसके तीन से चार बॉयफ्रेंड थे।
रिपोर्ट में दोस्त के हवाले से बताया गया है कि श्रद्धा कथित तौर पर इन लड़कों से रात में फोन पर बात करती थी। दोस्त का दावा है कि वह कभी उनसे बातचीत करती थी तो कभी उन्हें नजरअंदाज कर देती थी।
यह भी पढ़ें…
मऊ में दारोगा का कथित आपत्तिजनक ऑडियो वायरल, पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
11वीं कक्षा में बॉयफ्रेंड के साथ भागने का भी दावा
रिपोर्ट में श्रद्धा के बचपन के दोस्त के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि वह 11वीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान अपने बॉयफ्रेंड के साथ घर से चली गई थी। दोस्त ने कथित तौर पर यह भी कहा कि श्रद्धा के प्यार में पहले तीन लड़कों ने जहर खाया था, लेकिन गनीमत रही कि किसी की मौत नहीं हुई।
हालांकि, ये बातें बचपन के दोस्त के कथित बयानों पर आधारित हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। इसलिए इन्हें मामले में स्थापित तथ्य या अदालत में साबित आरोप के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
यह भी पढ़ें…
ISKCON मंदिर में ‘गीता रसामृतम-2’ का आयोजन, भक्ति और ज्ञान का अनूठा संगम
मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर
श्रद्धा दुबे से जुड़े मामले में अदालत का जमानत याचिकाएं खारिज करने का फैसला फिलहाल प्रमुख घटनाक्रम है। वहीं, पुराने रिश्तों को लेकर सामने आए दावों ने भी मामले को चर्चा में ला दिया है। अब मामले की आगे की कानूनी कार्यवाही और आधिकारिक रूप से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।
यह भी पढ़ें…





