
MHA Action: भारत सरकार का बड़ा एक्शन, पाकिस्तान में बैठे 23 आतंकियों को घोषित किया टेररिस्ट
India Declares 23 Terrorists: गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान में छिपे जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 23 आतंकियों को UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया है।
India Declares 23 Terrorists: भारत सरकार ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ एक बार फिर बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने पाकिस्तान में बैठकर भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले 23 अपराधियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आधिकारिक तौर पर ‘आतंकवादी‘ घोषित कर दिया है।
ये सभी आतंकवादी मुख्य रूप से जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और अल-कायदा जैसे खतरनाक और प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हुए हैं। इस नई कार्रवाई के बाद अब भारत सरकार द्वारा UAPA के तहत व्यक्तिगत तौर पर घोषित आतंकियों की कुल संख्या बढ़कर 80 हो गई है।
पाकिस्तान में बैठे इन आतंकियों पर क्या हैं आरोप?
गृह मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, इन सभी आतंकवादियों पर भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप हैं। गृह मंत्रालय ने इनके निम्नलिखित काले कारनामों को उजागर किया है। जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए स्थानीय युवाओं को बहलाना और भर्ती करना।
सीमा पार पाकिस्तान में ट्रेनिंग कैंप चलाना और भारतीय सीमा में आतंकियों की अवैध घुसपैठ कराना। तकनीकी का गलत इस्तेमाल कर ड्रोन के जरिए भारतीय पंजाब और जम्मू-कश्मीर के इलाकों में आधुनिक हथियार और गोला-बारूद भेजना। ये आतंकी भारत में बड़े हमलों की फिराक में थे। इनमें से कुछ नाम साल 2016 के नगरोटा सेना कैंप हमले और 2018 के सुंजवान मिलिट्री स्टेशन हमले के मास्टरमाइंड और मददगार भी रहे हैं।
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हाफिज सईद के 3 सबसे करीबी भी शामिल
केंद्र सरकार की इस लिस्ट में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के तीन सबसे वफादार और करीबी गुर्गों के नाम भी शामिल हैं। यह आतंकी विभिन्न जिहादी और भारत विरोधी संगठनों के बीच पुल का काम करता है। इसका मुख्य काम युवाओं को भड़काकर आतंकवादी नेटवर्क में शामिल करना है।
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लश्कर और जमात-उद-दावा से जुड़ा यह आतंकवादी सीधे हाफिज सईद के निर्देशों पर काम करता है। यह मुख्य रूप से आतंकी फंड (Money Trail) जुटाने और बड़े हमलों की प्लानिंग को कोऑर्डिनेट करने का काम करता है। हमेशा हाफिज सईद के सुरक्षा घेरे में रहने वाला यह आतंकी भारत में हुई कई बड़ी आतंकी वारदातों का मुख्य साजिशकर्ता रहा है।
साल 2019 से पहले UAPA कानून के तहत सरकार केवल पूरे ‘संगठन’ (Group) को आतंकी घोषित कर सकती थी। लेकिन 2019 के ऐतिहासिक संशोधन के बाद अब सरकार किसी एक ‘व्यक्ति’ (Individual) को भी आतंकी घोषित कर सकती है, जिससे वह नाम बदलकर नया संगठन न बना सके।
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