
BRICS से पहले मोदी-पुतिन की मुलाकात, रूसी राष्ट्रपति को गिफ्ट की ‘तिरुक्कुरल’
BRICS: PM Modi ने भारत मंडपम में रूसी राष्ट्रपति पुतिन को संत तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध कृति ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया, बोले- इससे भारत-रूस के सांस्कृतिक संबंध होंगे और मजबूत.
Delhi: भारत मंडपम में ब्रिक्स सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच मुलाकात हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को तमिल संत और महान कवि तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया। पीएम मोदी ने कहा कि यह पुस्तक भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
पुतिन को क्यों दी गई ‘तिरुक्कुरल’?
पीएम मोदी ने पुतिन को किताब सौंपते हुए इसके महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संत तिरुवल्लुवर ने इस रचना में मानव जीवन और उसके विभिन्न पहलुओं को बेहद गहराई से समझाया है। अब इसी महान तमिल कृति का रूसी भाषा में अनुवाद उपलब्ध है।
प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी संस्करण भारत और रूस के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने और दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने में मदद करेगा।
Presented President Putin with a Russian translation of the Thirukkural, which carries the eternal wisdom of the great Thiruvalluvar across languages and borders. pic.twitter.com/rvk3rRDnvg
— Narendra Modi (@narendramodi) September 11, 2026
क्या है ‘तिरुक्कुरल’?
तिरुक्कुरल (Thirukkural) तमिल साहित्य की सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन रचनाओं में शामिल है। इसे कई बार ‘तमिल वेद’ के नाम से भी जाना जाता है। महान तमिल कवि और संत तिरुवल्लुवर द्वारा रचित इस ग्रंथ में जीवन, नैतिकता, आचरण, प्रेम, शासन और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े गहरे विचार प्रस्तुत किए गए हैं।
इसमें छोटे-छोटे दोहों के माध्यम से जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाया गया है। यही वजह है कि तिरुक्कुरल को सिर्फ तमिल साहित्य की धरोहर नहीं, बल्कि विश्व साहित्य की महत्वपूर्ण कृति माना जाता है।
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कई भाषाओं में हो चुका है अनुवाद
तिरुक्कुरल का दुनिया की कई भाषाओं में अनुवाद किया जा चुका है। रूसी भाषा में इसका अनुवाद भी उपलब्ध है, जिसे पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति को उपहार के तौर पर दिया।
करीब दो हजार साल पुरानी मानी जाने वाली इस रचना में इंसान के जीवन, उसके व्यवहार और समाज के प्रति जिम्मेदारियों को लेकर ऐसे विचार मिलते हैं, जो आज भी प्रासंगिक हैं।
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भारत-रूस के सांस्कृतिक रिश्तों का संदेश
पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट करना केवल एक किताब देने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए भारत ने अपनी प्राचीन साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को रूस के साथ साझा करने का संदेश दिया है। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों के साथ-साथ सांस्कृतिक संबंधों को भी महत्व दिया जा रहा है।
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