Cyclone Montha: मोंथा चक्रवात ने मचाई तबाही, यूपी-बिहार तक में आफत का अलर्ट

Cyclone Montha Weather Alert IMD: मोंथा चक्रवात ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके में खूब तबाही मचाई। इस तूफान के चलते यूपी-बिहार सहित कई राज्यों में भारी बारिश और तेज़ हवाओं की चेतावनी जारी हुई है।

Cyclone Montha Weather Alert IMD: मंगलवार को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद मोंथा चक्रवात कमजोर हो गया है। आज सुबह वह आंध्र प्रदेश और यानम (पुडुचेरी) के तटीय इलाकों मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच से गुजर गया। भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department – IMD) के रात 12.30 बजे के अपडेट के अनुसार अगले 6 घंटे में तूफान कमजोर हो जाएगा। इस दौरान तटीय इलाकों में तेज बारिश (Heavy Rain Alert) होगी। विभाग ने कहा कि लैंडफॉल के समय तटीय इलाकों में 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चली। इसमें कई पेड़ उखड़ गए और कई जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

बिहार-यूपी में आज बारिश सर्दी का मौसम​

उत्तर प्रदेश में अगले 72 घंटे तक लगभग 40 जिलों में आंधी के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट घोषित है। आईएमडी की मानें को 30 से 31 अक्टूबर तक कई हिस्सों में भारी बारिश होगी, जिससे धान के किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। इस दौरान बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट, ललितपुर, झांसी, महोबा, कौशांबी, फतेहपुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी, सुलतानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, देवरिया, गोरखपुर और संत कबीर नगर समेत कई जिलों में गरज चमक के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

पश्चिमी यूपी में मौसमी गतिविधियां हो सकती हैं। उधर, बिहार के पटना, दरभंगा, छपरा, गया, हाजीपुर, मोतिहारी, जमुई, मुजफ्फरपुर, नालंदा, सुपौल और कटिहार में आंधी-तूफान के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी है।

मोंथा तूफान के प्रभाव से तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में आने वाले दो दिनों तक भारी बारिश और तेज़ हवाओं की स्थिति बनी रह सकती है. मौसम विभाग ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को तैनात करने के निर्देश दिए हैं.

मोंथा ने एक बार फिर साबित किया है कि समुद्री तूफानों का असर सिर्फ तटीय राज्यों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनका प्रभाव पूर्वी और मध्य भारत तक गहराई से महसूस किया जा सकता है.

 

 

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