पाकिस्तान के दौरे पर जाएंगे विदेश मंत्री, SCO की बैठक में होंगे शामिल

SCO Summit: इस बार एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी पाकिस्तान कर रहा है। एससीओ में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, और मध्य एशिया के अन्य देश सदस्य शामिल हैं।

भारत और पाकिस्तान के बीच काफी लंबे समय से रिश्ते खत्म हैं और तनातनी का सिलसिला जारी है। इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर पाकिस्तान जाएंगे। यहां वह SCO (शंघाई सहयोग संगठन) की बैठक (SCO Summit) में शामिल होंगे। 15-16 अक्टूबर को इस्लामाबाद में बैठक होगी। 2014 के बाद यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय मंत्री पाकिस्तान जाएगा। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर 9 साल बाद पाकिस्तान जाएंगे। SCO क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को लेकर सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काम करता है।

किस देश को कैसे मिलती है SCO की अध्यक्षता?

भारत ने 30 अगस्त को पुष्टि करते हुए बताया था कि उसे इस्लामाबाद में होने वाली एससीओ परिषद की आगामी बैठक के लिए पाकिस्तान से निमंत्रण मिला है। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की अध्यक्षता हर साल संगठन के सदस्य देशों के बीच बदलती है। इसका मतलब है कि हर सदस्य देश बारी-बारी से एक साल के लिए SCO की अध्यक्षता करता है। यह तयशुदा प्रक्रिया है, जिसमें सदस्य देशों को क्रमशः संगठन की गतिविधियों और बैठकों का आयोजन करने का अवसर मिलता है।

बता दें कि इससे पहले अगस्त में, पाकिस्तान ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अक्टूबर में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन की काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की बैठक में बुलाया था। अब वह अक्टूबर में दो दिवसीय एससीओ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग की मेजबानी करेगा।

एससीओ एक स्थायी अंतर-सरकारी अंतर्राष्ट्रीय संगठन है। यह एक राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य संगठन है जिसका लक्ष्य क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं स्थिरता बनाए रखना है। वर्ष 2001 में इसका गठन किया गया था। एससीओ चार्टर पर वर्ष 2002 में हस्ताक्षर किए गए और वर्ष 2003 में इसे लागू किया गया।

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