एक और लापहवाही और जिंदगी खत्म, गलतियों पर कबतक पर्दा डालेगा प्रशासन?

Rohini Manhole Accident: दिल्ली के रोहिणी स्थित बेगमपुर इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां मेनहोल में गिरने से 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई. घटना रोहिणी सेक्टर-32 के महाशक्ति काली मंदिर के पास की है.

Rohini Manhole Accident: रोहिणी सेक्टर 32 में दिल्ली की बदहाल व्यवस्था ने एक और युवक को मौत के जाल में धकेल दिया. महाशक्ति काली मंदिर के पास खुले नाले में गिरने से युवक लापता है जिसकी तलाश में पुलिस और रेस्क्यू टीमें घंटों से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं. जनकपुरी और नोएडा के हादसों के बाद भी प्रशासन नहीं जागा. खुले नाले और अंधेरा एक बार फिर किसी की जिंदगी पर भारी पड़ गए हैं.

यह सीधे तौर पर नगर निगम (MCD) और पीडब्‍ल्‍यूडी, दिल्‍ली जल बोर्ड सहित अन्‍य विभाग की लापरवाही से हो रहे हैं. जनकपुरी में जल बोर्ड के गड्ढे ने एक जान ली थी और अब रोहिणी का यह खुला नाला प्रशासन के स्मार्ट सिटी के दावों की धज्जियां उड़ा रहा है. हर बार मौत के बाद जांच का भरोसा दिया जाता है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं बदलता.

क्या है पूरा मामला?

बताया गया कि दिल्ली जल बोर्ड और अन्य एजेंसियों की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ. जिस मैनहोल में युवक गिरा, वह सड़क की सीध और समान ऊंचाई पर बना था, जबकि आम तौर पर एहतियातन इसे सड़क से कुछ ऊंचा बनाया जाता है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर रात के समय बहुत अंधेरा रहता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है. यदि समय रहते मैनहोल को ढक दिया गया होता और रोशनी की व्यवस्था की गई होती, तो एक व्यक्ति की जान बच सकती थी. हादसे के बाद प्रशासन ने लापरवाही छुपाने के लिए जल्दबाजी में ढक्कन लगा दिया.

स्थानीय लोगों ने क्या कहा?

आसपास रहने वाले महेश ने बताया कि बॉडी निकालने के बाद करीब 7.30 बजे शाम को मैनहोल पर ढक्कन लगाया गया. उन्होंने कहा कि ऐसे कई खुले मैनहोल की जानकारी पहले भी प्रशासन को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.

सचिन नाम के एक अन्य निवासी ने कहा कि इलाके में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं, लेकिन डीडीए ने सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई. लोगों का आरोप है कि कई मैनहोल पहले से खुले पड़े थे, जिन्हें हादसे के बाद आनन-फानन में ढका गया.

जनकपुरी मामले के बाद रातों-रात की गई कार्रवाई!

जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड के द्वारा गड्ढे को लापरवाही से खुला छोड़ने के कारण एक बाइक सवार की मौत हो गई थी जिससे स्थानीय लोगों में अभी भी आक्रोश देखने को मिल रहा है. शायद यही वजह है कि सरकार ने दूसरे मामले का सामने आते ही उसे रातों-रात ढकने का काम किया है.

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