
NCR में पुराने वाहनों पर कार्रवाई में लापरवाही
13 अफसरों को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि
लखनऊ। एनसीआर क्षेत्र में बीएस-1, बीएस-2 और बीएस-3 मानकों वाले पुराने वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं करने पर परिवहन विभाग के 13 प्रवर्तन अधिकारियों पर गाज गिरी है। वाहनों को बंद कर अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्र (आरवीएसएफ) भेजने के निर्देशों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने और प्रगति रिपोर्ट नकारात्मक पाए जाने पर परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने 13 अधिकारियों को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि (एडवर्स एंट्री) दी है।
जिन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, उनमें मेरठ के सुधांशु रंजन, बागपत के विपिन कुमार, गाजियाबाद के अमित राजन राय, अंकिता शुक्ला, आकांक्षा सिंह पटेल और विनीत कुमार मिश्र शामिल हैं। इसके अलावा बुलंदशहर की नीतू शर्मा, गौतमबुद्धनगर के अभिषेक कनौजिया, उदित नारायण और नंद कुमार, हापुड़ के रमेश कुमार चौबे, मुजफ्फरनगर के अजय मिश्र तथा शामली के प्रवेश कुमार भी शामिल हैं।
परिवहन आयुक्त के मुताबिक 13 मार्च को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की 24वीं बैठक में एनसीआर में End of Life (EOL) वाहनों को बंद करने और अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर के जरिए स्क्रैप कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत एनसीआर के प्रत्येक जिले में प्रतिदिन करीब 500 वाहनों को सीज करने का लक्ष्य तय किया गया था।
निर्देशों के अनुसार 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद कर अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग सेंटर भेजा जाना था। इसके बावजूद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा में सामने आया कि पूरे एनसीआर क्षेत्र में महज 666 वाहनों को ही बंद किया गया।
कम कार्रवाई को अधिकारियों की गंभीर लापरवाही माना गया। समीक्षा के बाद परिवहन विभाग ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





