
काशी विश्वनाथ मंदिर के पास 2 मकान ढहे, मलबे में फंसे 8 लोग एक महिला की मौत
Kashi Vishwanath Temple: बाबा भोले की नगरी वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के पास बड़ा हादसा हो गया। जहां भोर में दो घर जमींदोज हो गए जिसके मलबे में दो परिवार के 8 लोग दब गए। एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के पास बड़ा हादसा हो गया है। विश्वनाथ धाम (Kashi Vishwanath Temple) के पास मंगलवार भोर में तीन बजे के (houses collapsed)आसपास दो पुराने मकान की जर्जर दीवारें गिर गईं। उनके मलबे में तीन महिला और ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी समेत 9 लोग दब गए। अब तक सात लोग घायल हैं, एक की मौत हुई है। पुलिस के जवान समेत तीन को गंभीर हालत में कबीरचौरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि अभी महिलाओं समेत बाकी को मलबे से निकालने का प्रयास चल रहा है। पुलिस अधिकारियो के साथ एनडीआरएफ और पुलिस की टीमें मौके पर बचाव में जुटी हैं।
एक महिला की हुई मौत
एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। हादसे के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर को जाने वाले गेट नंबर 4 को बंद कर दिया गया है। एक नंबर और दो नंबर गेट से मंदिर में जाने वाले दर्शनार्थियों को प्रवेश दिया जा रहा है। NDRF के डीआईजी एमके शर्मा ने बताया कि 4 घंटे चले ऑपरेशन में सभी को सुरक्षित निकल लिया गया। वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि इस घटना में एक महिला की मौत हो गई। कुछ देर में NDRF अपने फाइनल सर्च कर जांच करेगी कि तो मलबे में कोई और तो नहीं फंसा हुआ है।
#WATCH | Uttar Pradesh: A house collapsed near Kashi Vishwanath temple in Varanasi. Many feared trapped. Rescue and search operations underway. Further details awaited. pic.twitter.com/8Rc98hmcex
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) August 6, 2024
आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने प्रशासन को मामले की जानकारी दी। गली में जाने वाले प्रवेश मार्ग को बंद कर दिया गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मैदागिन व गोदौलिया से मंदिर जाने वाले गेट नंबर चार से दर्शनार्थियों के प्रवेश को बंद कर दिया। एनडीआरएफ की टीम ने 4 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। मकान के मालिक ने बताया कि मकान काफी जर्जर था। इसको मरम्मत कराना चाहते थे, लेकिन काशी विश्वनाथ मंदिर के बगल होने के कारण अनुमति लेनी पड़ती है। विश्वनाथ मंदिर प्रशासन से लेकर नगर निगम से अनुमति मांगी गई थी लेकिन नहीं दी गई।





