UP में वृद्धावस्था पेंशन के लिए अब आवेदन की जरूरत नहीं, फैमिली ID से स्वतः स्वीकृति

UP Cabinet Meeting: उत्तर प्रदेश सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन प्रणाली में बड़ा प्रशासनिक सुधार लागू करते हुए लाखों वरिष्ठ नागरिकों को राहत देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि अब राज्य में पात्र बुजुर्गों को पेंशन प्राप्त करने के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

सरकार फैमिली आईडी ‘एक परिवार–एक पहचान’ प्रणाली के माध्यम से पात्र नागरिकों की स्वतः पहचान करेगी और उनकी सहमति के बाद पेंशन सीधे स्वीकृत कर दी जाएगी।

फिलहाल 67.50 लाख बुजुर्ग ले रहे लाभ, कई छूट जाते थे प्रक्रिया के कारण
समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि वर्तमान में 67.50 लाख वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धावस्था पेंशन मिल रही है। हालांकि, ऐसे कई बुजुर्ग भी हैं जो आवश्यक प्रक्रिया पूरी न कर पाने या जानकारी की कमी के कारण योजना से वंचित रह जाते थे। नई व्यवस्था इसी समस्या के समाधान के उद्देश्य से लागू की गई है।

फैमिली आईडी से स्वतः तैयार होगी सूची
नई प्रणाली के तहत फैमिली आईडी डाटाबेस से उन नागरिकों की सूची स्वतः तैयार की जाएगी, जिनकी उम्र अगले 90 दिनों में 60 वर्ष पूरी होने वाली है। यह सूची एपीआई के माध्यम से समाज कल्याण विभाग के पेंशन पोर्टल पर भेजी जाएगी। इसके बाद इन नागरिकों से उनकी सहमति प्राप्त की जाएगी।

डिजिटल और भौतिक—दोनों माध्यमों से मिलेगी सहमति
असीम अरुण ने बताया कि विभाग सबसे पहले एसएमएस, व्हाट्सऐप और फोन कॉल के जरिए डिजिटल मोड में सहमति लेने का प्रयास करेगा।
यदि डिजिटल माध्यम से प्रतिक्रिया नहीं आती है, तो ग्राम पंचायत सहायक, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालक या समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी स्वयं घर जाकर सहमति प्राप्त करेंगे।

दोनों स्तरों पर पुष्टि न मिलने की स्थिति में संबंधित नाम सूची से हटा दिए जाएंगे।

15 दिनों में होगी पेंशन स्वीकृत, लाभार्थी को मिलेगा स्वीकृति पत्र
सहमति मिलने के बाद योजना अधिकारी 15 दिनों के भीतर डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से पेंशन को स्वीकृत करेंगे। स्वीकृति पत्र लाभार्थी को डाक के माध्यम से भेजा जाएगा।
भुगतान सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में होगा और हर किस्त की जानकारी एसएमएस के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार एक मोबाइल ऐप भी जल्द उपलब्ध कराएगी, जिस पर लाभार्थी अपनी भुगतान हिस्ट्री पासबुक की तरह देख सकेंगे।

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न्यायिक सेवा और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी
कैबिनेट ने कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी, जिनमें प्रमुख हैं:

  • कानूनगो के चपरासी (चैनमैन) को लेखपाल पद पर प्रमोशन देने के लिए उप्र लेखपाल सेवा नियमावली (पंचम संशोधन) 2025 को मंजूरी।
  • विभाग में दो फीसदी आरक्षण का प्रावधान और लेखपाल पद पर पदोन्नति की औपचारिक स्वीकृति।
  • न्यायिक सेवा से जुड़े प्रस्तावों में 156 अपर निजी सचिवों को निजी सचिव ग्रेड-1 पर प्रमोशन, जिससे सरकार पर लगभग 10 करोड़ रुपये वार्षिक व्यय बढ़ेगा।
  • उच्चतर न्यायिक सेवा अधिकारियों को कार खरीदने हेतु अधिक ऋण देने की स्वीकृति।

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अन्य संकल्प: महिला क्रिकेट टीम को बधाई, आतंकी घटना की निंदा
बैठक में भारत की महिला क्रिकेट टीम को विश्वकप जीतने पर बधाई दी गई। साथ ही दिल्ली में हाल में हुई आतंकी घटना की निंदा करते हुए सुरक्षा एजेंसियों से कठोर कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की गई।

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