
संसद में NEET पेपर लीक पर सियासी संग्राम, विपक्ष की नारेबाजी से नहीं चल सकी कार्यवाही…
Parliament Mansoon Session: कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को भी जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दलों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में लगातार नारेबाजी की, जिसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही पहले स्थगित हुई और दोबारा शुरू होने के बाद भी व्यवधान जारी रहने पर दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की। वहीं सरकार ने स्पष्ट किया कि वह इस विषय पर विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष का विरोध
लोकसभा की कार्यवाही जैसे ही पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने शुरू कराई, विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर वेल की ओर पहुंच गए और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी।
राज्यसभा में भी लगभग यही स्थिति रही, जहां विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखा और पेपर लीक के मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की मांग की।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
विपक्ष का कहना है कि कथित पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े विवादों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर उठा रहा है और सरकार से जवाब मांग रहा है।
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में सरकार विफल रही है, जबकि सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा जता रही है।
सरकार बोली- चर्चा से नहीं भाग रहे
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने कहा कि सरकार हर प्रकार की चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष जितना समय चाहे, उतनी देर तक बहस कर सकता है।
रिजिजू ने कहा कि सरकार का केवल इतना आग्रह है कि चर्चा किसी अतिरिक्त शर्त के बिना हो, ताकि सदन सुचारु रूप से चल सके और महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक बहस हो।
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गतिरोध से प्रभावित हो रहा विधायी कामकाज
संसद में लगातार हो रहे हंगामे का असर विधायी कार्यों पर भी पड़ रहा है। कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्य और विधेयकों पर चर्चा प्रभावित हो रही है। सरकार चाहती है कि सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से चले, जबकि विपक्ष पहले पेपर लीक मामले पर विस्तृत चर्चा और जवाबदेही तय करने की मांग पर अड़ा हुआ है।
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आगे भी जारी रह सकता है टकराव
संसदीय मामलों के जानकारों का मानना है कि यदि सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा के प्रारूप और मांगों को लेकर सहमति नहीं बनती, तो आने वाले दिनों में भी संसद में गतिरोध जारी रह सकता है।
फिलहाल, दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं। सरकार चर्चा के लिए तैयार होने की बात कह रही है, जबकि विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा विवाद पर स्पष्ट जवाब की मांग को लेकर अपने विरोध को जारी रखे हुए है।
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