मिलावटखोरों पर कार्रवाई की तैयारी तेज, FSSAI और NABL मान्यता प्राप्त लैब में होगी जांच

Delhi Food Safety Department Empanels Labs : त्योहारों में मिलावट पर लगेगी लगाम, सरकारी और निजी लैब में होगी खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच।

Delhi: त्योहारों का सीजन शुरू होते ही मिलावटी मिठाई, मावा, दूध, मसाले और खाद्य तेल की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच में होने वाली देरी को रोकने के लिए विभाग सरकारी और निजी प्रयोगशालाओं को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच समय पर कराना और मिलावट की पुष्टि होने पर जल्द कार्रवाई करना है।

त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना खाद्य सुरक्षा विभाग के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है।

FSSAI और NABL से मान्यता प्राप्त लैब में होगी जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग की योजना के तहत फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) से अधिसूचित और नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (NABL) से मान्यता प्राप्त सरकारी और निजी लैब में खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच कराई जाएगी।

इस व्यवस्था से जांच का काम अलग-अलग प्रयोगशालाओं के बीच बांटा जा सकेगा। इससे त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लिए जाने वाले नमूनों की जांच में तेजी आने की उम्मीद है।

2 से 5 दिन में मिलेगी फूड सैंपल की रिपोर्ट
नई व्यवस्था के तहत सूचीबद्ध प्रयोगशालाओं को सैंपल मिलने के दो से पांच दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट देनी होगी। वहीं, गंभीर मामलों में 24 से 48 घंटे के भीतर शुरुआती रिपोर्ट उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।

समय पर जांच रिपोर्ट मिलने से मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थों की पहचान करने और उनकी बिक्री रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने में मदद मिलेगी।

मिठाई, मावा, दूध और मसालों पर रहेगी नजर
त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग विशेष जांच अभियान चलाने के साथ नियमित निगरानी और अचानक छापेमारी करता है। इसके अलावा, लोगों की शिकायतों के आधार पर भी खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाते हैं।

इस दौरान सैंपलों की संख्या बढ़ने से प्रयोगशालाओं पर काम का दबाव बढ़ जाता है, जिससे रिपोर्ट मिलने में देरी हो सकती है। ऐसे में मिलावट की समय पर पहचान और संबंधित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने में परेशानी आती है।

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सरकारी और निजी लैब के बीच बांटा जाएगा जांच का काम
खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच में देरी कम करने के लिए सरकारी और निजी प्रयोगशालाओं के बीच काम बांटने की योजना बनाई गई है। सूचीबद्ध लैब को त्योहारों, आपात जांच अभियानों और जन शिकायतों से संबंधित सैंपलों को प्राथमिकता देनी होगी।

इससे जांच प्रक्रिया को तेज करने और रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली में उसी दिन सैंपल लेने की सुविधा
विभाग के सर्कुलर के मुताबिक, दिल्ली में स्थित सूचीबद्ध प्रयोगशालाओं को विभाग की सूचना मिलने पर उसी दिन अपने खर्च पर सैंपल लेने की सुविधा भी उपलब्ध करानी होगी। इससे नमूनों को प्रयोगशाला तक पहुंचाने में लगने वाला समय कम किया जा सकेगा।

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मिलावट पर समय रहते कार्रवाई करने की तैयारी
त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जांच रिपोर्ट का समय पर मिलना बेहद जरूरी है। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस पहल से मिलावटी खाद्य पदार्थों की पहचान, उनकी बिक्री पर रोक और संबंधित मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। इससे त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

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