
Iran को घेरने की तैयारी? Trump ने मिडिल ईस्ट में बढ़ाई अमेरिकी एयर पावर…
Iran-US War: ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी हवाई ताकत को और मजबूत कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump प्रशासन ने क्षेत्र में 50 से ज्यादा अतिरिक्त फाइटर जेट भेजे हैं। माना जा रहा है कि यह तैनाती ईरान के खिलाफ अमेरिकी हवाई अभियान को और तेज करने की तैयारी का संकेत है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद अब अमेरिका ने अपनी एयर स्ट्राइक क्षमता बढ़ाने का फैसला किया है। इस तैनाती में F-35, F-15 और F-16 जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान शामिल हैं। इन विमानों की मदद से ईरान की मिसाइल साइट्स, ड्रोन ठिकानों और सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की क्षमता अमेरिका को और मजबूत मिलेगी।
जॉर्डन हमले के बाद बढ़ी अमेरिकी ताकत
जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ईरानी मिसाइल हमले के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इस हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद वॉशिंगटन ने ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। अमेरिकी United States Central Command यानी CENTCOM के क्षेत्र में अतिरिक्त लड़ाकू विमानों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
अमेरिका अब ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को कमजोर करने के लिए बड़े पैमाने पर हवाई अभियान चला सकता है। अमेरिकी सेना पहले ही ईरानी सैन्य ठिकानों और मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट्स पर हमले कर चुकी है।
यूरोप से भेजे गए लड़ाकू विमान
रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका ने यूरोप के कई एयर बेस से लड़ाकू विमान मिडिल ईस्ट की ओर भेजे हैं। जर्मनी के स्पैंगडाहलेम एयर बेस से F-16 फाइटर जेट और ब्रिटेन के RAF लैकेनहीथ से F-35 स्टील्थ फाइटर जेट भेजे गए हैं।
F-35 को अमेरिका के सबसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर विमानों में गिना जाता है। इसकी खासियत यह है कि यह दुश्मन के रडार से बचते हुए लंबी दूरी तक अभियान चलाने में सक्षम है। वहीं F-16 अपनी तेज गति, बहुउद्देशीय क्षमता और सटीक हमलों के लिए जाना जाता है।
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एयर रिफ्यूलिंग टैंकर भी होंगे तैनात
अमेरिका सिर्फ फाइटर जेट ही नहीं भेज रहा है, बल्कि अतिरिक्त एयर रिफ्यूलिंग टैंकर भी क्षेत्र में तैनात किए जा रहे हैं। इन टैंकरों की मदद से अमेरिकी लड़ाकू विमान हवा में ही ईंधन भर सकेंगे और लंबे समय तक अभियान जारी रख पाएंगे।
इससे अमेरिकी वायुसेना को ईरान के खिलाफ लंबी दूरी के लगातार हवाई ऑपरेशन चलाने में मदद मिलेगी।
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क्या ईरान पर और बड़ा हमला होगा?
50 से ज्यादा अतिरिक्त फाइटर जेट की तैनाती से यह संकेत मिल रहा है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को और बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी में है। ट्रंप प्रशासन अब ईरान की सैन्य क्षमता पर सीधा दबाव बढ़ाना चाहता है।
हालांकि, अमेरिका की इस नई तैनाती से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। ईरान पहले ही अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को जवाबी हमलों की चेतावनी दे चुका है। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संघर्ष के और खतरनाक रूप लेने की आशंका बढ़ गई है।
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