
SIR के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर फिर उतरे प्रदर्शनकारी, चुनाव आयोग तक मार्च
SIR Protest: दिल्ली के बंगला साहिब से चुनाव आयोग तक मार्च, SIR रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग; देश के 88 शहरों में प्रदर्शन।
New Delhi: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को दिल्ली समेत देश के कई शहरों में प्रदर्शन आयोजित किए गए। दिल्ली में गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास वामपंथी दलों, छात्र संगठनों और किसान संगठनों से जुड़े लोग जुटे। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए, SIR प्रक्रिया रद्द की जाए और मतदाता सूची से हटाए गए नाम दोबारा शामिल किए जाएं।
‘पीपल अगेंस्ट SIR’ गठबंधन के बैनर तले देश के 88 शहरों में प्रदर्शन आयोजित करने की जानकारी दी गई। आयोजकों के मुताबिक, इस अभियान को 145 संगठनों का समर्थन मिला है। इनमें वामपंथी छात्र संगठन और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) समेत कई संगठन शामिल हैं।
बंगला साहिब से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च
दिल्ली में प्रदर्शन के लिए गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास करीब 200 लोगों के जुटने की जानकारी सामने आई। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने की तैयारी की। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को वापस लेने की मांग उठाई गई।
प्रदर्शन में प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, परकला प्रभाकर, अभिनेता प्रकाश राज और किसान नेता राकेश टिकैत समेत कई प्रमुख लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई थी। मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने संबंधित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की।
प्रदर्शन का बैनर बदला, 145 संगठनों का समर्थन
SIR विरोधी प्रदर्शन का बैनर बदलकर ‘People Against SIR’ कर दिया गया। आयोजकों की ओर से देश के 88 शहरों में कार्यक्रम आयोजित करने की जानकारी दी गई। प्रदर्शन से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी साझा करने के लिए लाइव ट्रैकर भी उपलब्ध कराया गया।
प्रदर्शन में कांग्रेस सेवादल के सदस्य भी नजर आए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, समर्थन देने वाले कुछ संगठनों के सदस्य मौके पर दिखाई नहीं दिए।
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प्रकाश आंबेडकर ने 28 अक्टूबर के मार्च का किया जिक्र
वंचित बहुजन आघाड़ी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि उनका संगठन चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग के खिलाफ आवाज उठाता रहा है। उन्होंने 2024 के विधानसभा चुनावों में 76 लाख वोट बढ़ने के आंकड़े से संबंधित जानकारी मांगे जाने का उल्लेख किया।
आंबेडकर ने 28 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई में मार्च निकालने की योजना का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, यह मार्च भायखला स्थित राजमाता उद्यान से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि मार्च में किसी राजनीतिक दल का झंडा नहीं होगा और लोग तिरंगा लेकर शामिल होंगे।
वंचित बहुजन आघाडीच्यावतीने निवडणूक आयोगाच्या विरोधात इलेक्शन सुरू झाल्यापासून हा लढा सुरू केला आहे.
2024 च्या विधानसभा निवडणुकीत 76 लाख वाढलेल्या मतदानाचा डाटा देण्यात यावा इथपासून ते 28 ऑक्टोबर रोजी ह्या सर्व घोटाळ्याचे जनक निवडणूक आयुक्त ज्ञानेश कुमार विरोधात हा मोर्चा काढण्यात येणार आहे.
ह्या मोर्च्यात कुठल्याही राजकीय पक्षाचे झेंडे असणार नाहीत, भारताचा राष्ट्रध्वज तिरंगा घेऊन आपण मोर्च्यात सहभागी व्हावे.
मुंबईतील राजमाता उद्यान, भायखळा ते छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस इथपर्यंत हा मोर्चा असेल.
#DyaneshKumar #ElectionCommissionOfIndia
#Morcha— Prakash Ambedkar (@Prksh_Ambedkar) October 23, 2026
प्रशांत भूषण ने हिमाचल प्रदेश में प्रदर्शन की जानकारी दी
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में ‘सेव डेमोक्रेसी डे’ के अवसर पर SIR, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और EVM के खिलाफ नागरिकों के विरोध मार्च की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह हिमाचल प्रदेश में आयोजित विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहे हैं।
A citizen’s protest march against SIR, Gyanesh Kumar & EVMs in Palampur HP today on save democracy day https://t.co/H0IF3D99kF
— Prashant Bhushan (@pbhushan1) October 23, 2026
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क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें?
SIR के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे संगठनों ने कई मांगें रखी हैं:
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए या वह इस्तीफा दें।
- मतदाता सूची से हटाए गए नामों को दोबारा शामिल किया जाए।
- SIR प्रक्रिया को रद्द किया जाए।
- देश में बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर विचार किया जाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मतदाता सूची में नामों को हटाए जाने से जुड़े सवालों पर स्पष्टता जरूरी है। वहीं, इन मांगों और आरोपों पर निर्वाचन आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
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