गोल्ड मेडलिस्ट पैरा एथलीट नीरज यादव की संदिग्ध मौत, डोपिंग के चलते चार साल से थे बैन

जब नीरज यादव ने 2018 के एशियन पैरा गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था तो वे भारत आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिले थे।

Neeraj Yadav Suicide: भारतीय खेल जगत से बेहद दुखद खबर सामने आई है। भारत के स्टार पैरा एथलीट और तीन बार के एशियन पैरा गेम्स स्वर्ण पदक विजेता नीरज यादव (Neeraj Yadav) ने कथित तौर पर जहर खाकर खुदकुशी कर ली है। 42 वर्षीय नीरज यादव दिल्ली के अपने फ्लैट में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए।

घटना की सूचना मिलते ही खेल जगत में हड़कंप मच गया और पैरालिंपिक चैंपियन सुमित अंतिल समेत कई खिलाड़ी अस्पताल पहुंचे।

अस्पताल में जारी है पोस्टमार्टम

भारतीय पैरा एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने नीरज यादव के आत्महत्या की पुष्टि की है। उन्होंने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दर्दनाक घटना है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीरज ने मंगलवार रात अपने फ्लैट पर कथित तौर पर विषैला पदार्थ खा लिया था। बुधवार को दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में उनके शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

डोपिंग के चलते बैन थे

नीरज यादव डोपिंग टेस्ट में विफल रहने के कारण निलंबन का सामना कर रहे थे। डोपिंग प्रतिबंध के चलते एशियाई पैरा ओलंपिक समिति द्वारा उनके 2023 हांगझोउ एशियन पैरा गेम्स के मेडल वापस ले लिए गए थे और वे हालिया प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सके थे। निलंबन के कारण उन्हें मिलने वाली सरकारी प्रोत्साहन राशि भी रोक दी गई थी, जिससे वे काफी समय से मानसिक दबाव और डिप्रेशन में बताए जा रहे थे।

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व्हीलचेयर टेनिस से शुरू किया था सफर

नीरज यादव की जीवन यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही थी। महज सात साल की उम्र में वे पोस्ट-पोलियो रेसिड्यूअल पैरालिसिस (Post-Polio Residual Paralysis) के शिकार हो गए थे। शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और साल 2005 से 2012 तक व्हीलचेयर टेनिस खेला। इसके बाद वे पैरा-एथलेटिक्स में आ गए और F55 कैटेगरी (भाला फेंक, गोला फेंक और चकती फेंक) में अपनी पहचान बनाई।

नीरज ने 2018 में जकार्ता एशियन पैरा गेम्स में रिकॉर्ड 29.84 मीटर भाला फेंककर भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद उन्होंने 2023 हांगझोउ खेलों में भी अपनी शानदार थ्रोइंग से दो स्वर्ण पदक हासिल किए थे। एशियाई पैरा-एथलेटिक्स में भारत का नाम रोशन करने वाले इस दिग्गज खिलाड़ी का अचानक यूं चले जाना पूरे खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

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