
Meerabai Chanu ने फिर रचा इतिहास, वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता सिल्वर
World Weightlifting Championships: मीराबाई चानू ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में 48 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता, री सोंग गुम ने गोल्ड और थन्याथोन सुकचारोएन ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया.
World Weightlifting Championships: भारतीय महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप के 48 किलोग्राम वर्ग में देश को सिल्वर मेडल जिताया है। यह इस प्रतिष्ठित स्पर्धा में मीराबाई चानू (Meerabai Chanu) का तीसरा मेडल है। साल 2017 की वर्ल्ड चैंपियन ने दूसरी बार सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। इससे पहले भी वह दो बार पोडियम पर रह चुकी हैं। भारत की शान इस एथलीट ने 2017 में वर्ल्ड चैंपियन का खिताब जीता था जबकि 2022 की सिल्वर मेडलिस्ट रही थी।
चीन की भारोत्तोलक से हुए कांटे की टक्कर
48 किलोग्राम वर्ग में मीराबाई चानू ने स्नैच में 84 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 115 किलोग्राम समेत कुल 199 किलोग्राम का भार उठाते हुए दूसरे स्थान पर कब्जा किया। वह उत्तर कोरिया कि रि सोंग गुम से पीछे रहे गईं और गोल्ड मेडल जीतने से चूकीं। रि सोंग ने कुल 213 किलोग्राम का भार उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। जबकि चीन की थान्याथन ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। स्नैच राउंड के बाद चीन की वेटलिफ्टर मीराबाई चानू से 4 किलोग्राम आगे चल रही थीं। मगर क्लीन एंड जर्क में मीराबाई ने कमाल किया और 1 किलोग्राम की कुल लीड से सिल्वर मेडल भारत की झोली में डाल दिया।
Phenomenal lift by @mirabai_chanu to win a silver medal at the #WorldChampionships. Mirabai, 48kg, lifts iron more than twice her body weight to win a third World Championships medal – and second silver. pic.twitter.com/Q20Bvdw9zR
— Mihir Vasavda (@mihirsv) October 2, 2025
2017 में जीता था गोल्ड
वर्ल्ड चैंपियनशिप में चानू का इतिहास उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने 2017 में अनाहेम में 48 किग्रा वर्ग में कुल 194 किग्रा (85 किग्रा स्नैच + 109 किग्रा क्लीन एंड जर्क) के साथ गोल्ड मेडल जीता था। कर्णम मल्लेश्वरी द्वारा 1994 और 1995 में लगातार दो गोल्ड मेडल जीतने के बाद, वह भारत की पहली विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण पदक विजेता बनीं।
ये भी पढ़े-
IND vs WI 1st Test: केएल राहुल ने तोड़ा विराट-रोहित का रिकॉर्ड, टेस्ट में किया कमाल
उत्तर कोरिया की री सोंग गुम ने 213 किग्रा (91 किग्रा 122 किग्रा) के प्रभावशाली प्रयास के साथ गोल्ड मेडल जीता, जिसमें उन्होंने कुल वजन और क्लीन एंड जर्क में नए वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए. उन्होंने अपने आखिरी दो प्रयासों में 120 किग्रा और 122 किग्रा का वजन उठाया. थाईलैंड की थन्याथोन सुकचारोएन ने 198 किग्रा (88 किग्रा 110 किग्रा) के कुल वजन के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता.





