UP News: बोतलबंद पानी पीने से पहले हो जाएं सावधान, 57 फर्मों के लाइसेंस सस्पेंड

UP Bottled Water FSDA Action: उत्तर प्रदेश में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर और मिनरल वॉटर के नाम पर शुद्धता का दावा करने वाली कंपनियों की पोल खुल गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की ताजा प्रयोगशाला रिपोर्ट में राज्यभर से एकत्र किए गए बोतलबंद पानी के 57 सैंपल असुरक्षित (Unsafe) पाए गए हैं।

जांच के दौरान इन सैंपलों में इंसानी सेहत के लिए खतरनाक माने जाने वाले ई-कोलाई (E. coli), कोलीफॉर्म बैक्टीरिया, यीस्ट और मोल्ड जैसे सूक्ष्मजीव मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए FSDA आयुक्त रोषन जैकब ने सभी 57 फर्मों के खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर उत्पादन पूरी तरह बंद करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

चंदौली में सबसे खराब स्थिति

एफएसडीए द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर के कुल 242 सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए थे। इनमें से केवल 57 सैंपल ही असुरक्षित नहीं पाए गए, बल्कि 146 अन्य सैंपल निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे (Substandard)।

39 जनपदों में असुरक्षित सैंपल पाए गए हैं, जिनमें गाजियाबाद और हापुड़ में सबसे ज्यादा 4-4 सैंपल असुरक्षित दर्ज किए गए। वहीं, गुणवत्ता के मानकों में नाकाम (अधोमानक) रहने वाली सूची में चंदौली जिला सबसे शीर्ष पर रहा, जहां के 12 सैंपल फेल हो गए। इसके अलावा अयोध्या, बाराबंकी, जौनपुर, कानपुर नगर, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ में भी कई वॉटर प्लांट मानकों पर फिसड्डी साबित हुए हैं।

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दोबारा जांच में ही होंगे पास

एफएसडीए आयुक्त ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली किसी भी पैकेजिंग यूनिट को बख्शा नहीं जाएगा। जिन 57 फर्मों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उन्हें अपनी निर्माण इकाइयों में तकनीकी और स्वच्छता संबंधी सभी कमियों को दूर करना होगा।

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इसके बाद ‘टेस्ट ऑफ स्कीम’ के तहत उत्पाद के 5 अलग-अलग बैचों (प्रत्येक बैच में 1,000 बोतलें) की दोबारा प्रयोगशाला जांच कराई जाएगी। सहायक खाद्य आयुक्त की भौतिक सत्यापन रिपोर्ट में सैंपल पूरी तरह पास पाए जाने के बाद ही प्लांट दोबारा चालू करने की सशर्त अनुमति दी जाएगी।

समय सीमा के भीतर सुधार न करने वाली कंपनियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSS Act) के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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