
Iqra Hasan: ‘मुझे मुल्ली कहा गया…’, भरी सभा में छलका सपा सांसद इकरा हसन का दर्द
Iqra Hasan Video: सहारनपुर में आयोजित एक सार्वजनिक सभा के दौरान सपा सांसद इकरा हसन भावुक हो गईं, जब उन्होंने अपने और परिवार के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणियों का दर्द साझा किया।
Iqra Hasan Video: मुजफ्फरनगर के कैराना से सपा सांसद इकरा हसन के साथ अभद्र भाषा और अमर्यादित टिप्पणी करने का मामला सामने आया था. जिसके बाद सहारनपुर के एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सांसद इकरा हसन उस समय भावुक हो गईं, जब उन्होंने मंच से अपने ऊपर और अपने परिवार पर की गई गालियों और आपत्तिजनक टिप्पणियों का जिक्र किया. उन्होंने अपने संबोधन में बिना नाम लिए पूर्व सांसद प्रदीप कुमार और उनके समर्थकों पर बदतमीजी करने का आरोप लगाया.
पूर्व सांसद प्रदीप कुमार पर लगाए आरोप
इकरा हसन ने बिना नाम लिए पूर्व सांसद प्रदीप कुमार और उनके समर्थकों पर अभद्रता करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्हें खुलेआम “मुल्ली” और “आतंकवादी” जैसे शब्दों से पुकारा गया। इतना ही नहीं, उनके भाई विधायक नाहिद हसन और दिवंगत पिता मन्नव्वर हसन को भी निशाना बनाया गया। इकरा ने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक मतभेद नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है, जो समाज को बांटने की कोशिश कर रही है।
मुझपर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं- इकरा हसन
“मेरे इलाके की जितनी भी बेटियां हैं, जो मुझे कहती थीं कि वह भी आगे बढ़ना चाहती हैं, उन सबके कदम इससे डगमगाएंगे.” इकरा हसन ने कहा, “मुझपर लगातार सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन मैंने कभी धर्म और बिरादरी की राजनीति नहीं की. मेरे लिए सब मेरे अपने हैं. मेरा परिवार लंबे अर्से से राजनीति में है.”
सपा सांसद ने कहा कि आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ कि उनके परिवार पर किसी ने व्यक्तिगत टिप्पणी की हो, लेकिन अब राजनीति का स्तर गिर गया है. हो सकता है लोगों को मेरे काम पसंद न हों. मैं अगर आपकी किसी कसौटी पर खरी नहीं उतरी, तो वोट मांगने की भी हकदार नहीं रहूंगी, लेकिन अगर कोई आपके इलाके से कोई लड़की हौसला दिखाकर आगे बढ़ रही है, तो क्या उसे गालियां मिलनी चाहिए? क्या मैं आपके समाज की बेटी नहीं हूं?
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दरअसल, इकरा हसन गांव कुराली-छापुर स्थित शिव लक्ष्मी मंदिर पहुंचीं, जहां हाल ही में तोड़फोड़ का मामला सामने आया था. उन्होंने इस वारदात की कड़ी निंदा की और लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “मैं आपके सामने बहुत भारी मन से आई हूं. मंदिर या किसी भी आस्था की जगह को खंडित करना बर्दाश्त के काबिल नहीं है.”
सपा सांसद ने आगे कहा, “महिलाओं के चरित्र, धर्म और बिरादरी के खिलाफ जिस तरह की भाषा का उपयोग किया गया, क्या हम देश में यह संदेश दे रहे हैं कि हमारा समाज ऐसा है? मैं जब चुनाव जीती थी तो मैं इतनी खुश थी, क्योंकि मुझे सर्वजाति और सर्वधर्म के लोगों ने अपना वोट दिया था. मेरे लिए इससे बड़ी उपलब्धि कोई नहीं थी.”
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