“कुर्सी जानी ही है!”—योगी आदित्यनाथ ने Noida के ‘अंधविश्वास’ पर तोड़ी चुप्पी

CM Yogi Statement: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे ‘अंधविश्वास’ पर खुलकर बात करते हुए कहा कि सत्ता से मोह नहीं रखना चाहिए, क्योंकि “एक दिन कुर्सी जानी ही है”। उन्होंने यह टिप्पणी लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की।

Noida जाने से जुड़ा अंधविश्वास
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि पहले यह धारणा बनी हुई थी कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा जाता है, उसकी कुर्सी चली जाती है। इसी वजह से कई पूर्व मुख्यमंत्रियों ने अपने पूरे कार्यकाल में नोएडा जाने से परहेज किया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब उन्हें भी यह सलाह दी गई कि नोएडा जाने से बचें, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना था—“जब कुर्सी एक दिन जानी ही है, तो उसके मोह में क्यों पड़ें?”

अंधविश्वास को तोड़ने का दावा
सीएम ने कहा कि उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में कई बार नोएडा का दौरा किया और इस मिथक को तोड़ा। न केवल उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया, बल्कि दोबारा मुख्यमंत्री बनकर यह साबित किया कि ऐसे अंधविश्वासों का कोई आधार नहीं है।

घर खरीदारों को दिलाया हक
योगी आदित्यनाथ ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने करीब चार लाख घर खरीदारों को उनका हक दिलाने का काम किया। लंबे समय से फंसे प्रोजेक्ट्स को गति दी गई और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाने की कोशिश की गई।

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एयरपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
नोएडा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सरकार ने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। हाल ही में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सौगात देने के बाद सीएम ने कहा कि यह क्षेत्र अब निवेश और विकास का बड़ा केंद्र बन चुका है।

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विकास बनाम अंधविश्वास
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार का फोकस विकास पर होना चाहिए, न कि अंधविश्वासों पर। उन्होंने कहा कि जनता के हित में फैसले लेने से ही प्रदेश आगे बढ़ेगा।

योगी आदित्यनाथ का यह बयान न केवल एक पुराने राजनीतिक मिथक पर चोट करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि उनकी सरकार खुद को विकास और परिणाम आधारित राजनीति के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है।

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