विस चुनाव: सर्वे में बाज़ी मारती दिख रही है भाजपा, सपा को बड़ा फ़ायदा

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नई दिल्ली/लखनऊ। अगले साल होने वाले पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से ही राजनीतिक बिसात बिछनी शुरू हो गई है। इसमें भी उप्र पर सभी की नजर है।

देश को सबसे ज्यादा सांसद (80) देने वाला उत्तर प्रदेश केंद्र में सरकार बनाने का दरवाजा भी खोलता है, इसीलिए राजनितिक दलो का सबसे ज्यादा फोकस उप्र पर ही होता है।

उत्तर प्रदेश में इस बार जनता का क्या फैसला देगी? इसका पता तो चुनाव बाद ही पता चलेगा, मगर न्यूज़ चैनलों और सर्वे एजेंसियों ने अभी से ही जनता की नब्ज को टटोलना शुरू कर दिया है।

इसी क्रम में एबीपी न्यूज-सी वोटर ने अपने लेटेस्ट सर्वे में यूपी का मूड बताया है, जिसके हिसाब से यूपी में एक बार फिर योगी सरकार बाजी मारती नजर आ रही है।

नवंबर महीने के पहले सप्ताह में किए गए सर्वे में एबीपी न्यूज-सी वोटर ने बताया कि उप्र में एक बार फिर भाजपा सरकार बनाने में कामयाब हो सकती है।

हालांकि, भाजपा को काफी सीटों का नुकसान हो रहा है और वह 300 का आंकड़ा भी पार करती नहीं दिख रही है। इधर, समाजवादी पार्टी को बड़ा फायदा होता दिख रहा है, जबकि मायावती को तगड़ा झटका लग सकता है। सर्वे का सैंपल साइज 1,07,193 था और इनमें पांचों राज्यों के लोग शामिल थे।

ABP-CVoter सर्वे के मुताबिक, 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा को 213 से 221 सीटें मिलती दिख रही हैं। बता दें कि 2017 के चुनाव में भाजपा को 325 सीटें मिली थीं।

भले ही भाजपा की सीटों में गिरावट का अनुमान लगाया गया है, मगर भगवा पार्टी यूपी में आसानी से लीड करती नजर आ रही है और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनाती दिख रही है।

सर्वे में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी को 152 से 160 सीटों पर जीत दिखाया गया है। वहीं, मायावती की बसपा के खाते में महज 16 से 20 सीटें जाती दिख रही हैं। बता दें कि बसपा ने पिछले चुनाव में 19 सीटें जीती थीं।

कांग्रेस की बात करें तो उसका हाल और भी बुरा दिख रहा है। सर्वे में कांग्रेस के खाते में महज 6 से 10 सीटें जाती दिख रही हैं। वहीं वोट फीसदी की बात करें तो भाजपा को करीब 41 फीसदी वोट शेयर मिलने का अनुमान है।

यह 2017 से थोड़ा सा कम है। सपा को 31 फीसदी तो बसपा को 15 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। कांग्रेस को 9 फीसदी वोट मिलता दिख रहा है। यहां सपा को फायदा होता दिख रहा है, क्योंकि अखिलेश यादव की पार्टी को पिछले चुनाव में महज 23.6 फीसदी वोट ही मिले थे।

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