उप्र: वाटसअप, इमेल व मैसेज के जरिए छात्रों को टीकाकरण के लिए जागरूक करेंगे शैक्षिक संस्‍थान

लखनऊ। कोरोना महामारी से लड़ाई में प्रदेश के युवाओं ने अहम भूमिका निभाई है। युवाओं को सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश में 1 मई से 18 साल से ऊपर के युवाओं का वैक्‍सीनेशन किया जाना है।

योगी सरकार की मुहिम को कारगर बनाने के लिए अभी तक प्रदेश के सरकारी व निजी शैक्षिक संस्‍थान में पढ़ने वाले छात्र वैक्‍सीनेशन के लिए अपने परिवजनों व स्‍वजनों को जागरूक कर रहे थे लेकिन अब संस्‍थान अपने छात्रों को वैक्‍सीनेशन के लिए जागरूक करेगा।

इसके लिए वाटसएप, ईमेल व मैसेज के जरिए उनसे टीका लगाने की अपील की जाएगी। इसके अलावा संस्‍थान टीका कराने वाले छात्रों का अभिनंदन भी करेगा। 

एकेटीयू के कार्यवाहक कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक के मुताबिक प्रदेश के 750 से अधिक इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट संस्‍थानों के करीब 2.5 लाख छात्रों को वाटसएप, ईमेल व मैसेज के जरिए संदेश भेजकर कोविड टीकाकरण के प्रति जागरूक करने का काम किया जाएगा। छात्रों से अपील की जाएगी कि वह अपने टीकाकरण का फोटो भी वेबसाइट पर अपलोड करें।

साथ ही संस्‍थानों से भी अपील की जाएगी कि वह टीका लगाने वाले छात्रों का फोटो अपनी वेबसाइट पर लगाए ताकि दूसरे छात्रों का मनोबल बढ़ सकें। उन्‍होंने बताया कि टीकाकरण कराने वाले छात्रों को अभिनंदन पत्र भी भेजा जाएगा।

सीतापुर रोड स्थित आईईटी के निदेशक प्रो विनीत कंसल बताते हैं कि टीकाकरण के लिए लोगों को जागरूक करने में छात्रों ने बहुत ही अहम भूमिका निभाई है।

संस्‍थान के छात्रों ने न सिर्फ अपने परिजनों का टीकाकरण कराया बल्कि उसके फोटो भी संस्‍थान से साझा किए। हालांकि टीकाकरण को लेकर छात्र पहले से ही काफी उत्‍साहित है लेकिन इसके बाद भी छात्रों से टीकाकरण कराने की अपील की जाएगी।

बचने के लिए टीका जरूर लगवाएं

प्रो विनय कुमार पाठक कहते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर ने कई युवाओं को अपना शिकार बना रही है। इससे बचने का टीकाकरण ही एक उपाय है। ऐसे में केन्‍द्र व प्रदेश सरकार ने युवाओं को टीका लगाने की जो शुरूआत की है, वह बहुत ही काबिले तारीफ है। कोरोना से बचने के लिए टीकाकरण ही एक मात्र उपाय है।

शुरू हुई टीकाकरण की तैयारियां

प्रदेश में कोरोना वैक्‍सीनेशन का अगला चरण एक मई से शुरू हो रहा है। प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक आयु के करीब 9 करोड़ लोगों को वैक्‍सीन दी जाना है। प्रदेश सरकार की ओर से इसका ग्‍लोबल टेंडर भी जारी कर दिया गया है।

इसके अलावा वैक्‍सीनेशन के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, ताकि वैक्‍सीन का वेस्‍टेज रोका जा सके। साथ ही जिन लोगों का पंजीकरण होगा, वहीं टीकाकरण केन्‍द्र पर जाकर टीका लगवा सकेंगे। इससे केन्‍द्र पर भीड़-भाड़ भी नहीं होगी।

टीकाकरण केन्‍द्र पर संक्रमण का खतरा भी कम होगा। प्रदेश सरकार की ओर से सीरम इंस्टिट्यूट और भारत बायोटेक को 50-50 लाख डोज का ऑर्डर दे दिया गया है। साथ ही 5 करोड़ डोज के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया जाएगा।

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