
Delhi-NCR में ट्रांसपोर्ट हड़ताल से हड़कंप, 16 लाख ट्रक सड़कों से गायब…
Delhi NCR Transport Strike: All India Motor Transport Congress (AIMTC) के नेतृत्व में दिल्ली-NCR में ट्रांसपोर्टरों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। ग्रीन टैक्स में बढ़ोतरी के विरोध में शुरू हुई इस हड़ताल का असर राजधानी और आसपास के इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है।
हड़ताल में ट्रक, हल्के कमर्शियल वाहन, टैक्सी और अन्य परिवहन सेवाओं से जुड़े ऑपरेटर शामिल हुए हैं। बताया जा रहा है कि करीब 16 लाख ट्रक सड़कों से गायब हैं, जिससे सप्लाई चेन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर बढ़ी भीड़
हड़ताल का असर सबसे ज्यादा यात्रियों पर दिखाई दे रहा है। दिल्ली के कई रेलवे स्टेशनों के बाहर भारी भीड़ देखने को मिली, जहां लोग बसों और मेट्रो सेवाओं का सहारा लेते नजर आए।
ऑटो, टैक्सी और अन्य लोकल ट्रांसपोर्ट सेवाओं की कमी के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्यों हो रही है हड़ताल?
ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना है कि दिल्ली सरकार द्वारा ग्रीन टैक्स में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे ट्रांसपोर्ट कारोबार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
इसी के विरोध में 68 से ज्यादा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों ने चक्का जाम का ऐलान किया है।
जरूरी सामानों की सप्लाई पर असर
ट्रकों की आवाजाही रुकने से दूध, फल, सब्जियां और अन्य जरूरी सामानों की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
व्यापारियों का कहना है कि अगर हड़ताल लंबी चली, तो बाजारों में दाम बढ़ सकते हैं और कुछ वस्तुओं की कमी भी देखने को मिल सकती है।
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पेट्रोल-डीजल संकट की अफवाह
हड़ताल के बीच सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल संकट की अफवाहें भी तेजी से फैलने लगीं। हालांकि अब तक प्रशासन या तेल कंपनियों की ओर से किसी बड़े ईंधन संकट की पुष्टि नहीं की गई है।
अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने से बचने की अपील की है।
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कितने दिन चलेगी हड़ताल?
AIMTC के अनुसार यह हड़ताल फिलहाल तीन दिनों के लिए घोषित की गई है। अगर सरकार और ट्रांसपोर्ट संगठनों के बीच बातचीत सफल नहीं होती, तो आंदोलन आगे भी बढ़ सकता है।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आम लोगों को राहत देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है।
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