श्री राम इस देश के समाज के सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ आदर्श हैं: हर्ष वर्धन अग्रवाल

लखनऊ | हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में ट्रस्ट के इंदिरा नगर, सेक्टर-25 स्थित कार्यालय में, चैत्र नवरात्रि की अष्टमी के शुभ अवसर पर “कन्या भोज” का आयोजन किया गयाl

“कन्या भोज” का शुभारम्भ ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी हर्ष वर्धन अग्रवाल तथा न्यासी श्रीमती डॉ० रूपल अग्रवाल ने दीप प्रज्वलन करके किया तथा माँ दुर्गा के चित्र पर माल्यार्पण तथा पुष्प अर्पित कियेl

साथ ही श्री राम नवमी की पूर्व संध्या पर ट्रस्ट कार्यालय में स्थित श्री राम दरबार कक्ष में “श्री राम जन्मोत्सव” कार्यक्रम का आयोजन हुआ, इस कार्यक्रम में ट्रस्ट की अध्यक्ष श्रीमती किरन अग्रवाल, प्रबंध न्यासी हर्ष वर्धन अग्रवाल तथा न्यासी श्रीमती डॉ० रूपल अग्रवाल ने दीप प्रज्वलन किया तथा भगवान श्री राम के चित्र पर माल्यार्पण तथा पुष्प अर्पित कियेl 

“कन्या भोज” में जाह्नवी, श्रष्टि, वैभवी, प्रिया, सौम्य, आस्था, रागिनी, माही, पीहू गुप्ता, लाडो, वाणी मिश्रा, अंशिका, आयुषी, राशि, साक्षी, पलक, परी, क्रांति, चांदनी, छनछन, रिया, शिवानी, आकांक्षा, कंचन, मुस्कान, लक्ष्मी, परी, परिधि, चीकू, नेहा नागर, वर्षा, सोना, ख़ुशी, वैभव, सनी, हिमांशू, अजीत, दक्ष, हर्ष, अंश, कान्हा, वरदान, अमन, अनिकेत, अंकुश तथा अभिषेक आदि को पूड़ी-सब्जी तथा फल का भोजन कराया गया तथा एक-एक टिफिन बॉक्स व दक्षिणा दी गयीl

कन्या भोज के अवसर पर ट्रस्ट की न्यासी श्रीमती डॉ० रूपल अग्रवाल ने बताया कि, देवी पुराण में उल्लेख है कि कन्या भोज से मातारानी जितना प्रसन्न होती हैं, उतना वो हवन और दान से भी प्रसन्न नहीं होतीं हैंl इसलिए सभी को कन्या पूजन और भोज पूरी श्रद्धा के साथ अवश्य करवाना चाहिएl

साथ ही डॉ० रूपल अग्रवाल ने सभी राज्य सरकारों से अपील की है कि, कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए निजी क्लीनिक्स का औचक निरीक्षण व उन पर नजर अवश्य रखी जाएl कन्या भ्रूण हत्या या भ्रूण परीक्षण करने वालों के क्लीनिक सील किए जाने तथा जुर्माना किए जाने का प्रावधान लागू करना सुनिश्चित किया जायl

श्री राम जन्मोत्सव कार्यक्रम के अवसर पर ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी हर्ष वर्धन अग्रवाल ने सभी को श्री राम नवमी की बधाई देते हुए कहा कि, भारतीय जनमानस के हृदय में श्री राम एक आदर्श के रूप में युगों से विराजमान है।

श्री राम इस देश के समाज के सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ आदर्श हैं लेकिन यह भी सच है कि आधुनिक जीवन शैली और बदलते परिवेश में, उनके आदर्शों और मर्यादाओं में लोगों में पहला जैसा लगाव नहीं दिखता हैl

किसी समाज का बहुस्वीकृत आदर्श कितना व्यवहारिक है और कितना किताबी है, इसकी पहचान इस बात से होती है कि हमारा वह आदर्श, हमारे मन, व्यवहार में कितना मजबूती से उपस्थित है।

साथ ही सवाल यह भी है कि, क्या भगवान श्री राम की हमारे समाज में आज भी सहज जीवंत उपस्थिति है या धीरे-धीरे वह महज किताब, ज्ञान और उपदेशात्मक बातों तक ही सिमटते जा रहे हैं? इस पर चिन्ता की गम्भीर आवश्यकता हैl अयोध्या में श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण होने से आध्यात्मिक भावना अवश्य मजबूत होगीl

इस अवसर पर ट्रस्ट की अध्यक्ष श्रीमती किरन अग्रवाल, प्रबंध न्यासी हर्ष वर्धन अग्रवाल, न्यासी श्रीमती डॉ० रूपल अग्रवाल तथा ट्रस्ट के स्वयंसेवकों की उपस्थिति रही l

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