UP News: सजा से तंग हुए माफिया मुख्तार, जज से गिड़गिड़ा कर लगाईं रहम की गुहार

मुख्तार अंसारी को वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट से दोषी पाया गया है। इसके तहत उन्हें 5 वर्ष 6 माह की सजा और 10 हजार का जुर्माना लगाया गया है। पुराने मामलों में लगातार हो रही सजा से हाल यह है कि वह अदालत में जज से रहम की अपील कर रहा है।

इमेज क्रेडिट : सोशल मीडिया

एक समय था जब गाजीपुर के फाटक से निकलकर मऊ और वाराणसी तक बाहुबली मुख्तार अंसारी और उसके परिवार का एकछत्र राज चलता था। पूर्वांचल से लेकर पूरे प्रदेश तक में अंसारी की तूती बोलती थी। लेकिन योगी सरकार के आने के बाद से अंसारी के सितारे गर्दिश में चले गए हैं।

अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/एमपी-एमएलए कोर्ट के प्रभारी उज्ज्वल उपाध्याय की अदालत में मुख्तार अंसारी बांदा जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुआ था। गुरुवार को लंच से पहले अदालत से दोषी करार दिए जाने से पहले ही मुख्तार का चेहरा उतरा हुआ और वह मायूस दिखा। दोषी करार दिए जाते ही उसका सिर झुक गया। फिर, वह सिर झुकाए ही खड़ा रहा। लंच के बाद सजा सुनाए जाने से पहले मुख्तार ने हाथ जोड़कर अदालत से कहा कि वह बुजुर्ग और बीमार है। लंबे समय से वह जेल में है। लिहाजा, उसे कम से कम सजा दी जाए।

गौरतलब है कि मुख्तार को 15 महीने में 7 सजा मिल चुकी है। फिलहाल बांदा जेल की तन्हाई बैरक में बंद मुख्तार को उत्तर प्रदेश से बाहर किसी जेल में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। मुख्तार के बेटे उमर ने पिता को जान का खतरा बताते हुए राज्य के बाहर के किसी जेल में रखे जाने की अपील की थी। हालांकि यूपी सरकार की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराए जाने की बात कहते हुए याचिका का विरोध किया है।

मऊ के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी पर कुल 65 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से कुल 19 मामले कोर्ट में फिलहाल विचाराधीन हैं। सात मामलों में मुख्तार अंसारी को सजा हो चुकी है। जिन मामलों में मुख्तार अंसारी को सजा हुई है, वह लखनऊ, वाराणसी और गाजीपुर कोर्ट में विचाराधीन थे। कोर्ट ने सभी बयानों और सबूत के बिनाह पर मुख्तार अंसारी को अलग-अलग तारीखों पर सजा सुनाई है। मुख्तार को हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच, एमपी-एमएलए कोर्ट और सेशन कोर्ट से सजा हुई है।

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