
UP: बरेली हिंसा पर सियासी बवाल, सपा नेताओं को पुलिस ने रोका; कुछ हाउस अरेस्ट
SP Delegation Bareilly Violence: ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद के बाद बरेली हिंसा पर सियासी बवाल बढ़ गया है। सपा का प्रतिनिधिमंडल बरेली जाने से पहले ही रोका गया।
SP Delegation Bareilly Violence: बरेली जा रहे समाजवादी पार्टी के तीन सांसदों को रोक दिया। यहां तीनों सांसदों को रोकने के लिए गाजियाबाद पुलिस के कई अधिकारी लगाए गए थे। जहां तीनों सांसदों की गाड़ी पुलिस फोर्स ने घेरा बंदी कर दी। मुजफ्फरनगर से सपा सांसद हरेंद्र मलिक, कैराना से सपा सांसद इकरा शनिवार को दिल्ली से बरेली के लिए निकले थे, लेकिन उन्हें पुलिस ने रोक दिया।सांसद इकरा हसन ने रोके जाने पर कहा कि पीड़ितों से मिलना हमारी ड्यूटी हैं। संभल में सपा नेता वर्क हाउस अरेस्ट किए गए हैं। उनके आवास के बाहर पुलिस खड़ी है।
कानून की उड़ाई जा रही धज्जियां-मोहिबुल्लाह
इस बीच मोहिबुल्लाह ने कहा कि बरेली में कानून और संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। एक खास समुदाय के लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। पार्टी के निर्देश पर शनिवार को प्रतिनिधिमंडल उन लोगों को देखने के लिए जा रहा है। यह नफरत और भेदभाव के खिलाफ लड़ाई है, जिसमें समाजवादी पार्टी की जीत होगी।
हरेंद्र मलिक ने क्या कहा?
पुलिस की तरफ से रोके जाने पर सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि अपने देश और प्रदेश में जाने पर भी हमारे साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “अगर आतंकवादियों के साथ भी इस तरह का व्यवहार होता तो पुलवामा और पहलगाम अटैक न होते। उनको रोका जाना चाहिए था, यही असली बहादुरी थी।”
हरेंद्र मलिक ने कहा, ‘हम बरेली में लोगों के घाव पर मरहम लगाने के लिए जा रहे हैं। प्रदेश में जो सरकार की विचारधारा के लोग नहीं हैं, उन्हें टारगेट करने की कोशिश की जा रही है।”
इकरा हसन ने तोड़ी चुप्पी
सांसद इकरा हसन ने कहा कि बरेली में जो हालात बनाए गए हैं, उन्हें देखते हुए सभी के मन में चिंता है। लगातार एक समुदाय को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘आई लव मोहम्मद’ यह एक पॉजिटिव संदेश है। इसमें नफरत वाली कोई बात नहीं है, लेकिन इससे चिढ़ने के कारण प्रशासन कार्रवाई कर रहा है और इसमें सत्ता का हाथ है।
समाजवादी पार्टी ने बरेली में प्रदर्शनकारियों के ऊपर लाठीचार्ज के बाद उनसे मुलाकात के लिए 14 सांसदों और विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला लिया था। इसमें समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क और उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे भी शामिल हैं। हालांकि, इन दोनों नेताओं को बरेली निकलने से पहले ही उनके घर में नजरबंद किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।
नेता विरोधी दल माता प्रसाद पांडे हाउस अरेस्ट
जुम्मे की नमाज के बाद हुए विवाद और पुलिसिया कार्रवाई पर सियासत गरम है. बरेली के हालात का जानकारी लेने के लिए समाजवादी पार्टी ने शनिवार को बरेली जाने का ऐलान किया था. इस कड़ी में नेता विरोधी दल माता प्रसाद पांडेय की अगुवाई में 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को जाना था, लेकिन पुलिस ने शनिवार सुबह ही माता प्रसाद पांडेय को हाउस अरेस्ट कर लिया. उनके सेक्टर-11 वृंदावन कॉलोनी के आवास के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा है.





