
टाइगर श्रॉफ गोलीबारी मामले में दो महिलाओं समेत चार और लोग गिरफ्तार
Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की कार पर मुंबई में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बेहद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस सनसनीखेज मामले के हथियार आपूर्ति नेटवर्क के तार सीधे उत्तर प्रदेश से जुड़े पाए गए हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के सीतापुर और आजमगढ़ जिले की रहने वाली दो युवतियों समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
दिल्ली से मुंबई पहुंचाए गए थे हथियार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 18 अक्टूबर की शाम को मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर गोलियां चलाई गई थीं। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को पता चला कि हमलावरों तक हथियार पहुंचाने में एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में हरियाणा के सोनीपत निवासी कुनाल (21) और सुमित (19) के अलावा, उत्तर प्रदेश के सीतापुर (मिश्रिख थाना क्षेत्र के नहवइया गांव) की रहने वाली राधा (23) और आजमगढ़ (कोठियार क्षेत्र) की रहने वाली बबीता (23) शामिल हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हरियाणा के कुनाल ने अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस का इंतजाम किया था। इसके बाद उसने एक साजिश के तहत सीतापुर निवासी राधा और आजमगढ़ निवासी बबीता के जरिए इन हथियारों को दिल्ली से मुंबई पहुंचाया।
ऐसे रची गई थी साजिश
पुलिस के मुताबिक, 15 अक्टूबर को कुनाल दोनों युवतियों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर छोड़कर आया था, और उस समय हथियार राधा के बैग में रखे गए थे। दोनों युवतियां ट्रेन से 17 अक्टूबर को दादर स्टेशन पहुंचीं और वहां एक होटल में रुकीं। आरोप है कि होटल के पास ही एक अज्ञात व्यक्ति या नाबालिग लड़का राधा से वह बैग लेकर चला गया, जिसका इस्तेमाल बाद में 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के दौरान किया गया।
घटना को अंजाम देने के बाद जब शूटरों के मुंबई में फंसने की खबर मिली, तो ये दोनों युवतियां उसी दिन (18 अक्टूबर को) दादर से हरिद्वार एक्सप्रेस पकड़कर वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। तकनीकी सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 20 अक्टूबर को दोनों युवतियों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से दबोच लिया, जबकि दोनों युवकों को सोनीपत से गिरफ्तार किया गया।
यूपी के गांवों में मचा हड़कंप
इस घटना में सीतापुर और आजमगढ़ की युवतियों के नाम सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है। सीतापुर के नैमिषारण्य इलाके में स्थित नहवइया गांव में आरोपी राधा के घर स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग की टीमें पहुंचकर उसकी पृष्ठभूमि और परिवारिक स्थिति की छानबीन कर रही हैं।
फिलहाल, महाराष्ट्र पुलिस की सीआईडी (CID) और मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने अदालत से आरोपियों की ट्रांजिट रिमांड हासिल कर ली है। पुलिस अब आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे षड्यंत्र के पीछे मुख्य मास्टरमाइंड कौन था और इन्हें और किन-किन लोगों से सहायता मिल रही थी।





