Noida News: मन्नत पूरी नहीं हुई तो पंडित जी का ही कर लिया अपहरण, दो गिरफ्तार

Noida Crime News: उत्तर प्रदेश के नोएडा से अंधविश्वास से जुड़ा एक ऐसा हैरान कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को चौंका दिया है। धार्मिक अनुष्ठान कराने के बाद जब यजमान की मनोकामना पूरी नहीं हुई, तो आरोपियों ने ईश्वर से शिकायत करने के बजाय पूजा कराने वाले पंडित जी को ही निशाना बना लिया।

नोएडा के सर्फाबाद निवासी पुरोहित अनिल तिवारी का अपहरण कर उन्हें बंधक बनाया गया और रिहाई के एवज में उनके परिजनों से एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। नोएडा की थाना सेक्टर-113 पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पंडित जी को सकुशल मुक्त करा लिया है।

दोबारा पूजा कराने के बहाने बुलाकर बनाया बंधक

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, नोएडा के सेक्टर-73 स्थित सर्फाबाद निवासी अनिल कुमार तिवारी पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान कराने का काम करते हैं। जौनपुर निवासी आशीष यादव उर्फ बाबा और प्रवेश यादव उर्फ गोरे ने कुछ समय पहले अनिल तिवारी से एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान कराया था।

हालांकि, वक्त बीतने के बाद भी जब उनकी कथित मन्नत पूरी नहीं हुई, तो आरोपियों ने पूजा में खर्च हुए पैसे वापस वसूलने का प्लान बनाया। आरोपियों ने 5 सितंबर को पुरोहित को फिर से पूजा कराने के बहाने झांसा देकर जौनपुर बुलाया और वहां पहुंचते ही उन्हें एक कमरे में बंधक बना लिया।

एक लाख रुपये की फिरौती

पुरोहित को बंधक बनाने के बाद आरोपियों ने उनके बेटे को फोन करके पूजा-पाठ में खर्च हुए रुपयों का हवाला दिया और एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी। रकम न देने की सूरत में पंडित जी को जान से मारने की धमकी भी दी गई। अचानक संपर्क टूटने और फिरौती की कॉल आने से घबराए परिजनों ने तुरंत नोएडा के थाना सेक्टर-113 में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत केस दर्ज किया और सर्विलांस व तकनीकी माध्यमों की मदद से जांच की कमान संभाली।

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रंगदारी लेने पहुंचे आरोपी

थाना सेक्टर-113 पुलिस की टीम ने इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के जरिए आरोपियों की लोकेशन पर नजर रखनी शुरू की। जब आरोपी फिरौती की रकम वसूलने के लिए नोएडा पहुंचे, तो पुलिस ने सर्फाबाद के पास मुखिया मार्केट के कच्चे रास्ते पर घेराबंदी कर ली।

पुलिस टीम ने मौके से दोनों आरोपियों आशीष यादव और प्रवेश यादव को धर दबोचा और बंधक बनाए गए पुरोहित अनिल तिवारी को उनके कब्जे से सुरक्षित छुड़ा लिया। आरोपियों के पास से पुलिस ने एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक धारदार चाकू भी बरामद किया है।

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अंधविश्वास या साजिश?

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पूजा में खर्च किए गए पैसे वापस पाने की नीयत से ही अपहरण करने की बात कबूल की है। हालांकि, पुलिस इस बात की भी गहनता से तफ्तीश कर रही है कि घटना के पीछे केवल यही वजह थी या फिर कोई और पुराना लेन-देन का विवाद भी शामिल था।

इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरी साजिश में इन दोनों के साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। फिलहाल दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।

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