
तनाव बढ़ा रहा हार्ट अटैक का खतरा, हाइपरटेंशन की चपेट में युवा..
Risk of Heart Attack: हर तीसरा भारतीय हाइपरटेंशन से पीड़ित है। शहर के युवाओं में ग्रामीणों के मुकाबले उच्च रक्तचाप की समस्या ज्यादा है। डॉक्टर इसकी बड़ी वजह तनाव, बिगड़ी जीवन शैली, बाजार के खानपान की लत और मोटापा बता रहे हैं।
Risk of Heart Attack: कड़ाके की सर्दी का सीधा असर दिल से जुड़ी बीमारियों पर पड़ रहा है। कानपुर के कार्डियोलॉजी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बीते 15 दिनों में हृदय संबंधी अलग-अलग बीमारियों के कारण 103 लोगों की मौत हो चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक हर दिन औसतन करीब सात मरीजों ने दम तोड़ा। सबसे चिंताजनक बात यह है कि मृतकों में से लगभग 30 प्रतिशत लोग 32 से 50 वर्ष की आयु वर्ग के थे। सिर्फ सोमवार को ही पांच मरीजों की जान चली गई।
पुरुषों में हाईपरटेंशन के मामले ज्यादा
पीजीआई के कार्डियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आदित्य कपूर ने बताया कि दिल्ली के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एचके चोपड़ा के निर्देशन में देश भर में ‘हाईपरटेंशन हराओ: बीपी सही करो’ अभियान के तहत लोगों का ब्लड प्रेशर जांचा गया। रिपोर्ट के मुताबिक पुरुषों में महिलाओं की तुलना में उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के केस ज्यादा पाए गए।
डॉ. कपूर के अनुसार…
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19,145 पुरुष (73.7%) और 10,854 महिलाएं (70.6%) हाइपरटेंशन से ग्रस्त पाई गईं
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स्टेज-1 हाइपरटेंशन 65.9% मामलों में दर्ज हुआ
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पुरुष — 66.9%
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महिलाएं — 64.4%
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स्टेज-2 हाइपरटेंशन 7.3%
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स्टेज-3 हाइपरटेंशन 1.1%
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48.4% मामलों में हाइपरटेंशन के साथ शुगर (डायबिटीज़) भी पाई गई
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पुरुष — 57.5%
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महिलाएं — 55.1%
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शोध के लिए सैंपल यूपी, दिल्ली, उत्तराखण्ड, बिहार,झारखण्ड समेत 28 राज्यों और तीन केंद्रशासित राज्यों से लिया गया। डॉ. कपूर ने कहा कि ठंड के मौसम में रक्तचाप बढ़ने, धमनियों के सिकुड़ने और लापरवाही के कारण हार्ट संबंधी जोखिम तेजी से बढ़ जाते हैं, इसलिए नियमित जांच, दवाओं का पालन और लाइफस्टाइल पर नियंत्रण बेहद ज़रूरी है।





