ED Raid: फर्जी डिग्री रैकेट पर ED का एक्शन, लखनऊ में 16 ठिकानों पर छापेमारी

ED Raid: ईडी की लखनऊ जोन टीम ने उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित मोनाड यूनिवर्सिटी से जुड़े फर्जी डिग्री रैकेट मामले में बड़ी कार्रवाई की। लखनऊ के गोमतीनगर में सरस्वती कालेज के प्रिंसिपल अखिलेश मौर्य के आवास पर भी छापेमारी की गई है।

ED Raid: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फर्जी मार्कशीट-डिग्री बनाने वाले गिरोह और संस्थाओं के खिलाफ गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी की 10 से अधिक टीमों ने एक साथ हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी, उन्नाव के सरस्वती मेडिकल कालेज के अलावा फरीदाबाद, गुड़गांव,सोनीपत और दिल्ली समेत 16 स्थानों पर छापा मारा। सरस्वती कालेज से महत्वपूर्ण जानकारी मिलने के बाद दोपहर में ईडी कालेज प्रिंसिपल अखिलेश मौर्य के गोमतीनगर विस्तार स्थित घर और उसके एक संस्थान में भी दबिश दी। इन स्थानों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।

सरस्वती मेडिकल कॉलेज में ईडी का छापा

उन्नाव में कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सोहरामऊ क्षेत्र के सरस्वती मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने छापा मारा। इसके बाद मेडिकल कालेज की इमरजेंसी को छोड़ कर कैंपस के अन्य क्षेत्रों में लोगों का प्रवेश रोक दिया गया। तीन गाड़ियों से पहुंची ईडी की टीम ने प्रशासनिक भवन के साथ ही प्राचार्य डा. आरएल श्रीवास्तव समेत स्टाफ के फोन जमा कर लिए हैं। सभी को अपने अपने कक्ष ही रहने के निर्देश देने के साथ ही अकाउंटेंट, मैनेजर आदि के कंप्यूटर कब्जे में ले लिए है।

ये भी पढ़े- UP Crime: लखनऊ में मासूम छात्रा के साथ दरिंदगी, इंस्टा पर बने दोस्त ने की हैवानियत

ईडी की टीम ने अधिकारियों ने सभी कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क जब्त कर ली हैं और सर्वर रूम को सील कर दिया गया है। कैंपस के मुख्य द्वार पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने घेराबंदी की है और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है।

ये भी पढ़े- सीतामढ़ी में CM योगी की हुंकार, बोले- जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं

2023 में सामने आया था रैकेट

मोनाड यूनिवर्सिटी का यह फर्जीवाड़ा वर्ष 2023 में एसटीएफ की जांच के दौरान उजागर हुआ था। जांच में पाया गया था कि यूनिवर्सिटी के कुछ अधिकारी और कर्मचारी फेल या ड्रॉपआउट छात्रों को 50 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक में फर्जी डिग्री और मार्कशीट बेच रहे थे। ग्राहकों से वॉट्सएप के जरिए दस्तावेज मंगाए जाते थे। भुगतान यूपीआई, नकद या अन्य माध्यमों से लिया जाता था। पूरी रकम मिलने के बाद दो दिन के भीतर कूरियर से नकली डिग्री भेज दी जाती थी।

ये भी पढ़े- यूपी पुलिस अब और हुयी Hitech; अब 7 मिनट में पहुंचेगी डॉयल 112 की मदद…

सूत्रों के मुताबिक, कई संदिग्ध दस्तावेज, कंप्यूटर, डिजिटल रिकॉर्ड और करोड़ों रुपये की लेन-देन से जुड़े सबूत बरामद हुए हैं. ED की टीमें दस्तावेज सील कर रही हैं और आगे गिरफ्तारी की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा. यह छापेमारी सिर्फ एक यूनिवर्सिटी या व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में फैले भ्रष्टाचार और संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है

ये भी पढ़े- यूपी में 4 दिन तक रजिस्ट्री कार्य रहेगा ठप्प, सर्वर शिफ्टिंग के चलते सर्कुलर जारी…

 

Back to top button