लखनऊ में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हादसा, नदी के तेज बहाव में डूबे तीन युवक

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक  दर्दनाक हादसा हो गया। मंगलवार शाम सई नदी के जबरेला पुल के पास प्रतिमा विसर्जन करने उतरे तीन युवक नदी के गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गए। सूचना मिलने पर पहुंची SDRF और NDRF की टीमों ने तुरंत बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

बुधवार को एनडीआरएफ की टीम ने एक युवक का शव बरामद कर लिया है, जबकि अन्य दो युवकों की तलाश में नदी में सर्च अभियान लगातार जारी है।

गहरे पानी में चले गए थे युवक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहनलालगंज के सिसेंडी गांव के कोरियानी मोहल्ले से मंगलवार शाम करीब 5 बजे गाजे-बाजे के साथ गणेश प्रतिमा विसर्जन यात्रा निकाली गई थी। जबरेला पुल के पास सई नदी में विसर्जन के लिए सिसेंडी निवासी हरिप्रसाद (40), धीरज (35) और प्रमोद (22) पानी में उतरे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विसर्जन करते समय तीनों युवक अचानक नदी के बेहद गहरे हिस्से में चले गए। पानी का बहाव काफी तेज होने के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वे डूबने लगे।

देर रात तक चला सर्च ऑपरेशन

हादसे की जानकारी मिलते ही मोहनलालगंज पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें गोताखोरों व अत्याधुनिक फ्लड रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचीं। रात के अंधेरे में भी टॉर्च और सर्च लाइटों के सहारे सई नदी में जाल डालकर तलाशी अभियान चलाया गया।

बुधवार को कड़ी मशक्कत के बाद एनडीआरएफ की टीम ने धीरज का शव नदी से बाहर निकाला, जिसे पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। नदी में लापता हरिप्रसाद और प्रमोद की खोजबीन के लिए पुलिस और गोताखोर लगातार बोट के जरिए रेस्क्यू चला रहे हैं।

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दो पीड़ितों की पत्नियां हैं गर्भवती

इस दर्दनाक हादसे के बाद सिसेंडी गांव और पीड़ित परिवारों में मातम पसर गया है। हादसे का शिकार हुए तीनों युवक मजदूरी करके अपने-अपने परिवार का जीवन यापन करते थे।

मृतक धीरज की शादी महज दो साल पहले हुई थी और उसकी पत्नी तीन महीने की गर्भवती है। वहीं लापता हरिप्रसाद की पत्नी भी गर्भवती है और उनके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। हादसे के बाद से ही नदी किनारे जुटे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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