
Haridwar: हरि की पैड़ी पर क्यों जल विहीन हो गई गंगा? गंगाजल के लिए तरसे श्रद्धालु
Haridwar News: उत्तराखंड के हरिद्वार से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। हर साल की तरह इस बार भी वार्षिक मरम्मत, सिल्ट सफाई और रखरखाव के कार्यों के चलते हरिद्वार में ऊपरी गंग नहर (Upper Ganga Canal) को 18 दिनों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
गंग नहर के बंद होने से इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) समेत कई प्रमुख शहरों की जलापूर्ति पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
क्यों बंद की गई है गंग नहर?
सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, हर साल सर्दियों से पहले गंगा नहर की पटरियों, तालों और नहर के तल की विशेष सफाई व मरम्मत की जाती है। इस तकनीकी प्रक्रिया के तहत नहर के पानी के बहाव को रोककर जरूरी सिविल वर्क और डिसिल्टिंग (गाद निकालने का काम) पूरा किया जाता है। इसी वार्षिक कार्यक्रम के तहत इस बार भी नहर में पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है, जो आगामी करीब ढाई हफ्तों तक जारी रहेगी।
इन जिलों पर पड़ेगा असर
गंगा नहर के बंद होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के कई शहरों में जल संकट गहराने का खतरा पैदा हो गया है।
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दिल्ली: राजधानी दिल्ली को मिलने वाले कच्चे पानी (Raw Water) की आपूर्ति पर इसका आंशिक असर पड़ सकता है, जिससे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
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उत्तर प्रदेश के जिले: गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और अलीगढ़ समेत कई अन्य जिलों में पीने के पानी की सप्लाई और कृषि कार्यों के लिए सिंचाई का पानी बाधित हो सकता है।
पानी का संयमित करें इस्तेमाल
संबंधित विभागों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी नागरिकों से पानी का उपयोग बेहद समझदारी और संयम के साथ करने की अपील की है। जल संस्थानों और स्थानीय नगर निकायों द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उपलब्ध पानी का बेहतर प्रबंधन किया जाए ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े।
हालांकि, नहर बंदी की इस अवधि के दौरान स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी हरिद्वार में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।





