
लखनऊ में VHRP की धर्म संसद में 12 प्रस्ताव पास, मथुरा को लेकर बड़ा ऐलान
Lucknow News: लखनऊ में विश्व हिंदू रक्षा परिषद (VHRP) की धर्म संसद में कुल 12 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। धर्म संसद में मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण, धर्मांतरण के खिलाफ अभियान, UCC के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान और सनातन युवाओं को जोड़ने समेत कई मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए।
धर्म संसद में भाजपा के राज्यसभा सांसद बृजलाल भी पहुंचे। संगठन की ओर से मथुरा को लेकर कई घोषणाएं की गईं।
मथुरा में शौर्य दिवस मनाने का ऐलान
VHRP के मुताबिक, 5 नवंबर से 5 दिसंबर तक देशभर में अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान लोगों से मथुरा पहुंचने की अपील की जाएगी।
संगठन ने दावा किया है कि 6 दिसंबर को लाखों सनातन सेना के कार्यकर्ता मथुरा पहुंचेंगे और शौर्य दिवस मनाएंगे। संगठन ने मथुरा में मौजूद मस्जिद को लेकर भी कार्रवाई की बात कही है। यह VHRP की ओर से घोषित कार्यक्रम और मांग है।
धर्म संसद में पास हुए 12 प्रस्ताव
- गोपाल राय को दोबारा अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव।
- मथुरा में श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर बनाने के लिए देशव्यापी अभियान चलाने का फैसला।
- मथुरा में मस्जिद में नमाज को लेकर अभियान चलाने और इसे ‘बृज स्वाभिमान अभियान’ नाम देने का प्रस्ताव।
- मंदिर निर्माण के मुद्दे पर समर्थन नहीं करने वाले राजनीतिक दलों के खिलाफ प्रदर्शन के लिए ‘नारायणी सेवा वाहिनी’ के गठन का प्रस्ताव।
- धर्मांतरण के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में एंटी-धर्मांतरण कॉल सेंटर शुरू करने का फैसला।
- उत्तर प्रदेश के हर जिले में एंटी-रोमियो एस्कॉर्ट बनाने का प्रस्ताव।
- विश्व सनातन संसद के गठन का प्रस्ताव।
- ‘कृष्णभूमि-ब्रज संरक्षण अभियान’ शुरू करने का फैसला।
- धार्मिक स्थलों के आसपास मांस और शराब की दुकानों को बंद कराने की मांग को लेकर आंदोलन का प्रस्ताव।
- एक करोड़ Gen Z युवाओं को ‘सनातन युवा सेवा अभियान’ से जोड़ने का लक्ष्य।
- नवरात्र में ‘दुर्गा शक्ति स्वरूपा अभियान’ शुरू करने का प्रस्ताव, जिसके तहत महिलाओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देने की बात कही गई।
- UCC के समर्थन में घर-घर संपर्क और हस्ताक्षर अभियान चलाने का प्रस्ताव।
बृज क्षेत्र के संरक्षण पर भी जोर
धर्म संसद में मथुरा-वृंदावन समेत पूरे ब्रज क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण का मुद्दा भी उठाया गया। इसके लिए ‘कृष्णभूमि-ब्रज संरक्षण अभियान’ चलाने की बात कही गई।





