
क्या पाकिस्तान जाएंगे PM मोदी? SCO समिट को लेकर बढ़ीं कूटनीतिक हलचल…
SCO Summit 2026: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 2027 शिखर सम्मेलन से पहले पाकिस्तान ने भारत को लेकर बड़ा कूटनीतिक संकेत दिया है। पाकिस्तान ने साफ किया है कि इस्लामाबाद में होने वाले सम्मेलन के लिए सभी सदस्य देशों को औपचारिक निमंत्रण भेजा जाएगा, जिसमें भारत भी शामिल होगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित पाकिस्तान यात्रा को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हालांकि, भारत सरकार ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि प्रधानमंत्री मोदी सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल होंगे या भारत की ओर से किसी अन्य प्रतिनिधि को भेजा जाएगा।
पाकिस्तान ने दिए औपचारिक संकेत
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने मीडिया को बताया कि SCO के नियमों और परंपराओं के अनुसार मेजबान देश सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों को आमंत्रित करता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भी इसी प्रक्रिया का पालन करेगा और भारत समेत सभी सदस्य देशों को निमंत्रण भेजेगा।
इस बयान के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या वर्षों बाद भारत और पाकिस्तान के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्क देखने को मिल सकता है।
भारत के लिए आसान नहीं होगा फैसला
यदि पाकिस्तान औपचारिक निमंत्रण भेजता है तो भारत के सामने कई कूटनीतिक और रणनीतिक पहलू होंगे। दोनों देशों के बीच आतंकवाद, सीमा सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है। ऐसे में प्रधानमंत्री स्तर की यात्रा पर फैसला केवल सम्मेलन के महत्व को देखकर नहीं, बल्कि सुरक्षा, विदेश नीति और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत SCO जैसे बहुपक्षीय मंचों को महत्व देता है, लेकिन पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों की मौजूदा स्थिति भी किसी भी निर्णय में अहम भूमिका निभाएगी।
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SCO क्यों है महत्वपूर्ण?
शंघाई सहयोग संगठन एशिया के सबसे प्रभावशाली क्षेत्रीय संगठनों में शामिल है। भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान और मध्य एशिया के कई देश इसके सदस्य हैं। यह मंच क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, आर्थिक साझेदारी और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
भारत भी SCO को मध्य एशिया और यूरेशिया क्षेत्र में अपनी रणनीतिक मौजूदगी मजबूत करने के एक अहम मंच के रूप में देखता है।
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आधिकारिक फैसले का इंतजार
फिलहाल पाकिस्तान की ओर से केवल निमंत्रण देने की प्रक्रिया का संकेत दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पाकिस्तान जाने या न जाने को लेकर भारत सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए अंतिम निर्णय आने वाले समय में कूटनीतिक परिस्थितियों और आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार ही सामने आएगा।
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