चीन-उत्तर कोरिया के बीच बढ़ेगी नजदीकी? नए पुल से चीन पहुंचे किम जोंग-उन…

Kim Jong Un News: उत्तर कोरिया और चीन के बीच यालू नदी पर बना 3,026 मीटर लंबा नया पुल चर्चा में है। दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी योनहाप के मुताबिक, किम जोंग-उन इसी पुल के रास्ते चीन के डैंडोंग शहर पहुंचे, जहां उनकी चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग से मुलाकात की जानकारी सामने आई है।

South Korea: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन की चीन यात्रा को लेकर अहम खबर सामने आई है। दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी योनहाप ने 24 अक्टूबर को सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि किम जोंग-उन यालू नदी पर नवनिर्मित पुल के रास्ते चीन के लियाओनिंग प्रांत स्थित डैंडोंग शहर पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान उनकी चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग से मुलाकात होने की जानकारी भी सामने आई है।

नए पुल से चीन पहुंचे किम जोंग-उन
यालू नदी, जिसे उत्तर कोरिया में अम्नोक नदी के नाम से जाना जाता है, दोनों देशों की सीमा के एक बड़े हिस्से को निर्धारित करती है। इस नदी पर बना नया पुल उत्तर कोरिया के सिनुइजू शहर को चीन के डैंडोंग से जोड़ता है। योनहाप की रिपोर्ट के अनुसार, किम जोंग-उन ने चीन पहुंचने के लिए इसी पुल का इस्तेमाल किया।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब चीन और उत्तर कोरिया के बीच राजनयिक संपर्क और आर्थिक सहयोग को लेकर गतिविधियां चर्चा में हैं।

3,026 मीटर लंबा है नया पुल
रिपोर्ट के मुताबिक, चार लेन वाला यह पुल कुल 3,026 मीटर लंबा है। इसके निर्माण पर चीन ने लगभग 310 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। परियोजना का निर्माण वर्ष 2014 में शुरू हुआ था, लेकिन इसके उद्घाटन में कई वर्षों की देरी हुई।

योनहाप के अनुसार, उत्तर कोरिया की ओर से संपर्क मार्ग और सीमा शुल्क से जुड़ी जरूरी सुविधाएं समय पर पूरी नहीं होने के कारण पुल को चालू करने में विलंब हुआ। अब इसके शुरू होने से दोनों देशों के बीच व्यापार और परिवहन को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं हैं।

कोरियाई युद्ध की वर्षगांठ से पहले यात्रा
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, किम जोंग-उन की यह यात्रा कोरियाई युद्ध (1950-1953) में चीन के प्रवेश की वर्षगांठ से एक दिन पहले हुई। ऐसे समय में उनकी चीन यात्रा को दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, यात्रा के व्यापक एजेंडे और बातचीत में शामिल मुद्दों को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

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शी जिनपिंग से भी हो चुकी है मुलाकात
किम जोंग-उन की चीन की पिछली ज्ञात यात्रा सितंबर 2025 में हुई थी। उस दौरान वह चीन की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुए थे और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ शिखर बैठक में हिस्सा लिया था।

इससे पहले शी जिनपिंग ने जून में उत्तर कोरिया की राजकीय यात्रा की थी। दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे उच्चस्तरीय संपर्क क्षेत्रीय कूटनीति, व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से अहम माने जाते हैं।

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चीन-उत्तर कोरिया संबंधों के लिए क्यों अहम है पुल?
डैंडोंग और सिनुइजू के बीच संपर्क स्थापित करने वाला यह पुल दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार और माल परिवहन की क्षमता बढ़ा सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी से सीमा पार आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।

किम जोंग-उन की इस यात्रा के दौरान नए पुल का इस्तेमाल भी ध्यान खींच रहा है। हालांकि, दोनों देशों के आर्थिक संबंधों पर इसका वास्तविक प्रभाव व्यापारिक गतिविधियों और सीमा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर निर्भर करेगा।

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