
लखनऊ की गोमती नदी में जल्द चलेगा टूरिस्ट क्रूज
गोमती रिवर फ्रंट पर 700 मीटर लंबे नेचर ट्रेल
भ्रमण के दौरान मिलेगा जंगल वाॅक का आनंद
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने पांच करोड़ रूपये की लागत से परियोजना का कार्य शुरू करा दिया है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने स्थल निरीक्षण करके मियावाॅकी फाॅरेस्टेशन कराने के निर्देश दिये। जिससे कि नेचर ट्रेल में आने वाले लोगों को घने वन के बीच से होकर गुजरने का अनुभव मिल सके।गोमती रिवर फ्रंट पर लक्ष्मण मेला मैदान के पास 700 मीटर लंबी नेचर ट्रेल विकसित की जाएगी। यह परियोजना न सिर्फ लोगों को जंगल वाॅक का अनुभव प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें सीधे तौर से प्रकृति के नजदीक लाने में कारगार साबित होगी। नेचर ट्रेल में बड़े पेड़ों के आसपास बांस के झुरमुट विकसित किये जाएंगे। इसके अलावा लैंड स्केपिंग के कार्य के साथ-साथ जिग-जैग स्लोप बनाये जाएंगे। जिससे यहां घूमने वाले लोगों को भ्रमण के दौरान जंगल वाॅक का आनंद मिलेगा। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिये कि कुछ जगहों पर सेल्फी एवं स्टैंडिंग प्वाइंट विकसित किये जाएं, जहां लोग खड़े होकर प्राकृतिक नजारे का लुत्फ उठा सकें।
गोमती नदी होगी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र
गोमती नदी में टूरिस्ट क्रूज का जल्द होगा संचालन, अक्टूबर 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगा क्रूज। इसकी वजह होंगे नदी पर चलने वाले आलीशान टूरिस्ट क्रूज। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि एक क्रूज एडीसीपी ऑफिस से गोमती बैराज के मध्य संचालित होगा। लगभग 60 मीटर लंबे और 14 मीटर चैड़े इस क्रूज पर एक साथ 250 लोग सफर कर सकेंगे। इसका कार्य 50 प्रतिशत तक पूरा हो गया है, जिसे दिसम्बर, 2026 तक पूर्ण कराने के निर्देश दिये गये हैं। वहीं, दूसरा क्रूज गोमती बैराज से हनुमान सेतु के मध्य संचालित होगा। लगभग 45 मीटर लंबे व 10 मीटर चैड़े इस क्रूज में एक बार में 200 लोग सफर कर सकेंगे। इसे अक्टूबर, 2026 तक पूर्ण कराकर संचालित करने के निर्देश दिये गये हैं।
86 लाख रूपये से लगे रहे आधुनिक झूले
गोमती रिवर फ्रंट पर एडीसीपी के पास लगभग 02 करोड़ रूपये की लागत से लैंडस्केप, पाथ-वे, इंट्री गेट, टाॅयलेट व रेलिंग आदि का कार्य कराया जा रहा है। उपाध्यक्ष ने स्थल निरीक्षण करके कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये। इसके अलावा रिवर फ्रंट पर लगभग 86 लाख रूपये की लागत से बच्चों के लिए आधुनिक झूले लगवाये जा रहे हैं। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिये कि झूले संचालित करने से पहले सेफ्टी टेस्ट करा लिया जाए।





