
लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेस-वे पर दिखा अनोखा नज़ारा, आखिर क्यों लगे पंखे?
IIT खड़गपुर की टीम धंसाव के कारणों की जांच करेगी
एक्सप्रेस-वे पर चलता है ‘जुगाड़ मॉडल’ का हैंडल
एक्सप्रेस-वे पर पानी हटाने के लिए लगाए पंखे
लखनऊ। लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेस-वे पर एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला, जहां पेचवर्क वाले हिस्से में जमा बरसाती पानी को सुखाने के लिए करीब 10 बड़े पंखे लगा दिए गए। बारिश के बाद सड़क पर जमा पानी हटाने के इस तरीके की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।बताया जा रहा है कि सड़क के जिस हिस्से पर मरम्मत (पेचवर्क) का काम किया गया था, वहां पानी जमा हो गया था। इसे जल्द सुखाकर आगे का कार्य पूरा करने के लिए पंखों का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, इस व्यवस्था को लेकर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसे ‘जुगाड़ मॉडल’ बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग सड़क निर्माण और जल निकासी व्यवस्था की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। फिलहाल संबंधित एजेंसी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
PNC इंफ्राटेक लिमिटेड को ब्लैक लिस्टेड किया
उन्नाव में हाल ही में धंसा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण PNC Infratech Limited ने किया है। कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप कुमार जैन भाजपा राज्य सभा सांसद नवीन जैन के भाई हैं। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, कुछ दिनों में ही धंस गया। करीब 63 किलोमीटर लंबे छह-लेन एक्सप्रेसवे की निर्माण लागत लगभग 4,700 करोड़ रुपये बताई गई है। परियोजना का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को किया गया था। जानकारी के मुताबिक, प्रदीप कुमार जैन के भाई नवीन कुमार जैन भाजपा नेता और पूर्व मेयर रहे हैं। अब राज्यसभा सांसद हैं
ये है लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे। लागत 4700 करोड़।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। ।
हद तो तब हो गई है सड़क के इस हालात के बाद … जब NHAI ने इसे रूटीन मेंटनेंस बताया है।
जबकि अभी सड़क को बने 17 दिन ही हुए हैं।
PNC इंफ्राटेक लिमिटेड के मालिक प्रदीप कुमार जैन ने लखनऊ-कानपुर हाइवे का ठेका लिया और सड़क धंस गई । अब सड़क की खराब क्वालिटी कॉन्टेक्ट हुए टोल टैक्स न लेने का फैसला किया है। कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। यह प्रदीप कुमार जैन भाजपा सांसद नवीन जैन के भाई हैं। जिसकी योग्यता केवल एक है कि वह एक व्यापारी हैं। गौरतलब है कि यह कंपनी 2021 में बनकर तैयार हुए झांसी-खजुराहो हाइवे प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार और घूसखोरी से जुड़े मामले में सीबीआई जांच का सामना कर रही है। कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों को लाखों की रिश्वत दी थी। यह रिश्वत एनओसी (NOC) जारी कराने, परियोजना का अंतिम हैंडओवर प्रमाण पत्र प्राप्त करने और अंतिम बिल पास कराने के लिए दी गई थी। फिर भी नितिन गडकरी ने इसे ब्लैक लिस्ट नहीं किया। फिर भी सरकार ने सीबीआई जांच के बावजूद इस कंपनी को 2022 में लखनऊ कानपुर हाइवे का ठेका दे दिया।
PNC नॉन परफॉर्मर घोषित, टोल वसूली बंद
लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस-वे महीने भर के अंदर तीन अलग अलग जगहों पर धंसा। सोशल मीडिया पर तमाम वीडियो और तस्वीरें वायरल रहीं। पहले तो प्रशासन ने मिली भगत से मामले को निपटाने का प्रयास किया। NHAIचेयरमैन संतोष यादव की टीम ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे मामले में NHAI की कार्रवाई की गई है। PNC इंफ्राटेक को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने के लिए नोटिस जारी की गई है। साथ ही कंपनी पर परफॉर्मेंस सिक्योरिटी का 2% तक जुर्माना लगाने की तैयारी है।प्रभावित हिस्से की मरम्मत कंपनी अपने खर्च पर करेगी, एनएचएआई पर कोई भार नहीं आयेगा, प्रोजेक्ट मैनेजर, टीम लीडर और रेजिडेंट इंजीनियर हटाए गए हैं।तीन अधिकारियों को दो साल तक MORTH, NHAI और NHIDCL की परियोजनाओं से प्रतिबंधित किया गया है, वर्तमान और पूर्व परियोजना निदेशकों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।स्वतंत्र अभियंता कंपनी थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज को भी डिबारमेंट नोटिस जारी की गई है। इसके अलावा IIT खड़गपुर के विशेषज्ञों की टीम धंसाव के कारणों की तकनीकी जांच करेगी।





