
Mayawati ने की CM योगी की तारीफ, अखिलेश यादव पर किया सीधा हमला
Mayawati addresses a maharally in Lucknow: मायावती ने लखनऊ में कांशीराम परिनिर्वाण दिवस पर रैली आयोजित कर शक्ति प्रदर्शन किया। मंच से अपने संबोधन में मायावती ने अखिलेश यादव और सपा पर निशाना साधा तो वहीं सपा प्रमुख ने प्रेस कांफ्रेंस कर मायावती पर पलटवार किया।
Mayawati addresses a maharally in Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजनीति में गुरुवार को कांशीराम परिनिर्वाण दिवस के मौके पर भारी भीड़ उमड़ी। 9 अक्टूबर 2016 के बाद इस प्रकार की भीड़ मायावती की रैली में आने की बात कही जा रही है। इसे बसपा सुप्रीमो के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। यह रैली ऐसे समय पर हुई है जब मायावती को कमजोर समझा जा रहा था। यह भी दावा किया जा रहा था कि मायावती और बसपा की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। दरअसल, यूपी की सत्ता से बसपा 13 वर्षों से अधिक समय से बाहर है।
अखिलेश यादव पर बड़ा हमला
मायावती ने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि जब वे सत्ता में होते हैं तोकांशीराम स्थल की कमाई का पैसा दबा लेते हैं. सत्ता में रहते हुए इन्हें कभी पीडीए की याद नहीं आई. यह समाजवादी पार्टी का दोहरा चरित्र है. मायावती ने कहा कि समाजवादी पार्टी के दोगलेपन रैवये से सावधान रहने की जरूरत है।
कांग्रेस सरकार पर हमला
मायावती ने तत्कालीन कांग्रेस की सरकार पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आज हाथ में संविधान लेकर नाटकबाजी की जा रही है. कांग्रेस सरकार में बाबा साहेब का अपमान किया गया. उन्होंने लोकसभा नहीं जाने दिया गया. उन्हें भारत रत्न तक नहीं दिया गया. कांशीराम का भी अपमान किया गया. उनके निधन के बाद कांग्रेस सरकार ने छुट्टी भी घोषित नहीं की.
भाजपा की तारीफ की
बसपा सुप्रीमो ने वर्तमान भाजपा सरकार का आभार जताया. कहा कि कांशीराम स्मारक स्थल को देखने वाले लोगों के टिकटों का पैसा पूर्व की सपा की सरकार की तरह वर्तमान की भाजपा सरकार ने दबाकर नहीं रखा. बल्कि मरम्मत में खर्च किया है. जब हमारी सरकार थी तो तब हमने ही यह व्यवस्था की थी कि टिकट का पैसा लखनऊ में बने पार्क-स्मारक की व्यवस्था पर खर्च किया जाएगा.
भाजपा की सरकार से पहले सपा की सरकार ने टिकट के पैसे को दबाकर रखे. एक पैसा खर्च नहीं किया. स्मारकों की हालत खराब हो गई थी. तब सीएम यूपी को पत्र लिखा. भाजपा सरकार ने इस मामले को दिखवाया. भरोसा दिया कि हम यह पैसा इन स्थलों पर लगाएंगे. दूसरी तरफ जब यूपी में सरकार थी तो उन्होंने कुछ खर्च नहीं किया. अब जब वो सत्ता से बाहर हैं तो मीडिया में खबर छपवा रहे हैं कि वे मान्यवर कांशीराम के सम्मान में संगोष्ठी करेंगे. सरकार में रहकर कुछ याद नहीं रहता.
ऐसे में इस प्रकार की बड़ी रैली चर्चा का विषय बनी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का दावा है कि बसपा जमीन से जुड़ी कैडर आधारित पार्टी रही है। ऐसे में उनकी रैली में स्वत: स्फूर्त भीड़ उमड़ती है। कुछ इसी प्रकार का नजारा बुधवार की शाम से लखनऊ में देखने को मिला।





