
लखनऊ में ‘गुरु चरण यात्रा’ का स्वागत, सीएम योगी बोले – गुरु परंपरा ने दी राष्ट्र रक्षा और सेवा की प्रेरणा
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को सिख समुदाय की आस्था का प्रतीक ‘चरण सुहावे गुरु चरण यात्रा’ का भव्य स्वागत हुआ। यह यात्रा सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी और माता साहिब कौर से संबंधित पवित्र जोड़ा साहिब से जुड़ी है, जो सिख परंपरा में अत्यंत पवित्र और सम्माननीय मानी जाती है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के यहियागंज गुरुद्वारे में आयोजित भव्य कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने सिख परंपरा और गुरु परंपरा के योगदान को नमन करते हुए कहा कि “गुरु परंपरा ने भारत को केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा, सेवा और बलिदान का आदर्श भी दिया है।”
गुरु परंपरा हमारी विरासत है: सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की गुरु परंपरा केवल धार्मिक या आध्यात्मिक नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा की आधारशिला रही है। “हमारी परंपरा में कहा गया है — ‘जिथे जाए बहे मेरा सतगुरु, सो थान सुहावा राम राजे।’ अर्थात जहां भी गुरु महाराज के पावन चरण पड़ते हैं, वह स्थान पवित्र और पुण्यभूमि बन जाता है।”
वाहे गुरु जी दा खालसा
वाहे गुरु जी दी फतेहत्याग और बलिदान पर लिखी हुई कोई भी इतिहास की कथा न केवल वर्तमान के लिए, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए भी एक नई प्रेरणा होती है। आज यह प्रेरणा हम सभी को चरण सुहावे गुरु चरन यात्रा के माध्यम से प्राप्त हो रही है।
खालसा पंथ के संस्थापक श्री… pic.twitter.com/8WGNI3xcV9
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 28, 2025
योगी ने कहा कि यह यात्रा भारत की उस गौरवशाली गुरु परंपरा को स्मरण कराती है, जिसने समाज में त्याग, सेवा और एकता की भावना को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि सिख गुरु न केवल आध्यात्मिक नेता थे, बल्कि उन्होंने देश की एकता और सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
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यहियागंज गुरुद्वारा का ऐतिहासिक महत्व
योगी ने कहा कि लखनऊ का यहियागंज गुरुद्वारा विशेष ऐतिहासिक महत्व रखता है क्योंकि इसका संबंध गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज दोनों से है। यह गुरुद्वारा न केवल सिख आस्था का प्रतीक है, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी महाराज के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में यह यात्रा देशभर में चल रही है, जो गुरु परंपरा की महानता और देशभक्ति का संदेश देती है।
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गुरु चरण यात्रा राष्ट्रीय एकता का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे इस “गुरु चरण यात्रा” को केवल एक धार्मिक कार्यक्रम न समझें, बल्कि इसे राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द और आध्यात्मिक जागरण का संदेश मानकर आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि गुरु परंपरा ने भारत को आस्था, त्याग और बलिदान की जो सीख दी है, वह आज भी हमारी सभ्यता और संस्कृति की आत्मा है। हमें इस विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।”
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी गुरु परंपरा के योगदान को नमन करते हुए कहा कि सिख गुरु न केवल भारत के बल्कि पूरे मानव समाज के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से समाज में सद्भाव, राष्ट्रभक्ति और एकता का भाव मजबूत होगा।
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